न्यूज डेस्क, 1 फरवरी 2026:
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को मोदी सरकार का वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए इतिहास रच दिया। वह लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने वाली दुनिया की पहली महिला वित्त मंत्री बन गईं। बजट भाषण खत्म होते ही देशभर में आम लोगों की नजर इस बात पर टिक गई कि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में क्या सस्ता होगा और किस चीज पर खर्च बढ़ेगा।
डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां होंगी सस्ती
इस बजट में सबसे बड़ी राहत स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां सस्ती होंगी। कैंसर से जुड़ी 17 जरूरी दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है। इसके साथ ही कई मेडिकल डिवाइसेज भी सस्ती होंगी। सरकार का कहना है कि इससे लाखों मरीजों और उनके परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा और स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों की पहुंच में आएंगी।

देश में बने स्मार्टफोन और टैबलेट को राहत
मेक-इन-इंडिया को बढ़ावा देते हुए बजट में देश में बने स्मार्टफोन और टैबलेट को भी राहत दी गई है। सरकार के इस फैसले से आने वाले दिनों में भारतीय स्मार्टफोन और टैबलेट सस्ते हो सकते हैं। इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा और घरेलू कंपनियों को मजबूती मिलेगी।
युवाओं और खिलाड़ियों के लिए भी यह बजट खुशखबरी लेकर आया है। वित्त मंत्री ने खेल इक्विपमेंट को अधिक किफायती बनाने का प्रस्ताव रखा है। यानी अब खेल-कूद का सामान सस्ता हो सकता है, जिससे स्कूल-कॉलेज के छात्र और उभरते खिलाड़ी ज्यादा सुविधाओं के साथ अभ्यास कर सकेंगे।

सीएनजी और बायोगैस को सस्ता करने का ऐलान
ईंधन और पर्यावरण के मोर्चे पर भी राहत दी गई है। बजट में सीएनजी और बायोगैस को सस्ता करने का ऐलान किया गया है, जिससे सीएनजी गाड़ियों से चलने वाले लाखों वाहन मालिकों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही लिथियम-आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर सीमा शुल्क में छूट दी गई है। इससे इलेक्ट्रिक कारें, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स और बैटरियां सस्ती होने की उम्मीद है जो पर्यावरण के लिए भी बेहतर कदम माना जा रहा है।

माइक्रोवेव, सोलर एनर्जी से जुड़े उत्पाद, जूते व बैटरी के दाम होंगे कम
हालांकि, बजट में कुछ चीजें महंगी भी हुई हैं। सरकार ने ऐलान किया है कि शराब के दाम बढ़ेंगे, वहीं कुछ खनिज पदार्थ भी महंगे होंगे। इसका असर संबंधित उद्योगों और उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। दूसरी ओर राहत की सूची में बीड़ी, माइक्रोवेव, सोलर एनर्जी से जुड़े उत्पाद, जूते और बैटरियां भी शामिल हैं। इन्हें सस्ता करने की घोषणा की गई है। सोलर से जुड़े सामान सस्ते होने से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और आम लोगों का बिजली खर्च भी घट सकता है।

बजट 2026-27 में सरकार ने आम आदमी के स्वास्थ्य, परिवहन, तकनीक और खेल जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया है। जहां एक ओर दवाइयां, मोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन और रोजमर्रा की कई चीजें सस्ती होने से राहत मिलेगी वहीं शराब जैसी वस्तुओं के महंगे होने से सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश भी साफ नजर आती है। अब देखना होगा कि ये घोषणाएं जमीन पर कितनी जल्दी और कितनी असरदार तरीके से लागू होती हैं।






