लखनऊ, 17 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान जारी है। नगर निगम ने सरोजनीनगर क्षेत्र के ग्राम अमौसी में बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। यह कार्रवाई राजस्व विभाग और पुलिस के समन्वय से की गई।
नगर निगम की विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण और अस्थायी ढांचों को हटाया। कार्रवाई से पहले राजस्व अभिलेखों का मिलान कर सीमांकन सुनिश्चित किया गया था। कब्जाधारियों को पूर्व में नोटिस भी जारी किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार यह भूमि नगर निगम में निहित थी। इस पर अस्थायी रूप से अवैध कब्जा कर लिया गया था।

अभियान का नेतृत्व सहायक नगर आयुक्त/प्रभारी अधिकारी (सम्पत्ति) रामेश्वर प्रसाद और तहसीलदार नगर निगम लखनऊ अरविन्द पाण्डेय द्वारा गठित टीम ने किया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पुलिस बल की तैनाती रही। पूरी कार्रवाई बिना किसी टकराव के हुई।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक अतिक्रमणमुक्त कराई गई 0.408 हेक्टेयर भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2 करोड़ रुपये है। इस भूमि के मुक्त होने से भविष्य में यहां जनहित से जुड़े कार्यों जैसे पार्क, सामुदायिक सुविधाएं या अन्य सार्वजनिक परियोजनाएं विकसित की जा सकेंगी।

नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम में निहित भूमि का नियमित सर्वे कर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रखा जाए।






