लखनऊ, 26 मार्च 2026:
यूपी में ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 के जरिए एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। इस योजना के तहत प्रदेश के करीब 12,200 ऐसे गांवों में पहली बार बस सेवा शुरू की जाएगी जहां अब तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं पहुंच पाई थी। सरकार का उद्देश्य सिर्फ बस चलाने के साथ हर गांव को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार से सीधे जोड़ना है।
प्रदेश में पिछले वर्षों में सड़कों का तेजी से विस्तार हुआ लेकिन हजारों गांव अब भी परिवहन सुविधाओं से वंचित थे। इस अंतर को पाटते हुए सरकार ने कनेक्टिविटी की परिभाषा को नया रूप दिया है। अब फोकस सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं बल्कि उन सड़कों पर नियमित और भरोसेमंद परिवहन उपलब्ध कराना है। योजना के तहत 59,163 ग्राम सभाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना की खासियत यह है कि दुर्गम और संकरी सड़कों वाले करीब 5,000 गांवों के लिए 28 सीटों तक की छोटी बसों का संचालन किया जाएगा। हर ग्राम पंचायत में दिन में कम से कम दो बार बस सेवा सुनिश्चित की जाएगी। बसों का संचालन सुबह 10 बजे से शुरू होकर रात 8 बजे तक गांवों में वापसी के साथ पूरा होगा। इससे लोगों को नियमित सुविधा मिल सके।
योजना में स्थानीय रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दी गई है। बसों के चालक और सहायक स्टाफ की भर्ती आसपास के गांवों से ही की जाएगी। साथ ही निजी ऑपरेटरों को परमिट और करों में छूट देकर भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। बसों के परमिट प्रारंभिक रूप से 10 वर्षों के लिए दिए जाएंगे।
योजना के संचालन और निगरानी के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में समितियां गठित होंगी। ये किराया निर्धारण से लेकर सेवा की गुणवत्ता पर नजर रखेंगी। इस पहल से परिवहन खर्च में कमी आने के साथ लगभग 1.5 करोड़ छात्रों को स्कूल तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। इससे ड्रॉपआउट दर में भी कमी आने की उम्मीद है। ग्राम परिवहन योजना 2026 ग्रामीण उत्तर प्रदेश के लिए विकास की नई राह खोलने वाला मजबूत कदम भी साबित हो सकती है।






