लखनऊ, 29 जनवरी 2026:
प्रदेश सरकार ने शहरी इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विकास शुल्क व्यवस्था में अहम बदलाव किया है। सड़कों, खाली पड़ी जमीनों के उपयोग, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और दूसरी जरूरी जन सुविधाओं के विकास के लिए अब संशोधित विकास शुल्क प्रणाली लागू होगी। इस फैसले को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई।
सरकार ने उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास नियमावली-2014 (संशोधित 2021) में भी बदलाव को हरी झंडी दे दी है। इसका मकसद शहरी विकास के लिए जरूरी धन को ज्यादा व्यवस्थित और असरदार तरीके से जुटाना है। नई व्यवस्था से विकास प्राधिकरणों को अपनी योजनाओं और नागरिक सुविधाओं पर खर्च के लिए लगातार वित्तीय सहारा मिलता रहेगा।
इस संशोधन के बाद शहरों में ढांचागत विकास को रफ्तार मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़कें, मजबूत सीवरेज व्यवस्था और दूसरी जन सुविधाएं समय पर पूरी हो सकेंगी। साथ ही निर्माण और विकास से जुड़े काम बढ़ने से रोजगार के मौके भी पैदा होंगे। सरकार का मानना है कि इस फैसले से शहरी इलाकों में सुविधाएं सुधरेंगी और शहर ज्यादा व्यवस्थित व रहने लायक बनेंगे।






