लखनऊ, 22 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में रविवार को पशु-प्रेमियों ने स्ट्रीट डॉग से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरोध में ‘पिंजरा तोड़’ रैली निकाली। रैली लोहिया पथ स्थित 1090 चौराहे से शुरू होकर लोहिया पार्क तक पहुंची। हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां और टी-शर्ट पहनकर आए लोगों ने न्यायालय से आदेश पर पुनर्विचार की मांग की। कई तख्तियों पर लिखा था… जीवों पर दया करना ही तीर्थ है।
रैली में देशभर से नामी पशु अधिकार और सामाजिक क्षेत्र के लोग शामिल हुए। प्रमुख रूप से पशु-अधिकार कार्यकर्ता अंबिका शुक्ला, सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ गौरी मौलेखी, तेलंगाना में सक्रिय संशय चब्बर, वरिष्ठ अधिवक्ता पर्सिबल बिलिमोरिया, सामाजिक कार्यकर्ता वर्षा वर्मा, ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ता पायल सिंह, उद्यमी गौरव प्रकाश, पैरालंपियन शटलर अबू हुबैदा, एनजीओ संस्थापक डॉ. इंदु सुभाष, शिक्षाविद डॉ. मल्लिका सक्सेना, सचिन श्रीवास्तव, सोनिया सिंह और मानवाधिकार विशेषज्ञ रेखा भूषण मौजूद रहे।
अंबिका शुक्ला ने कहा कि अदालत का आदेश जमीनी हकीकत से हटकर दिया गया है। जब देश में अनाथालय और विधवा आश्रम जैसी बुनियादी संस्थाएं भी पूरी तरह सुदृढ़ नहीं हैं तो पशुओं के लिए शेल्टर होम कैसे प्रभावी ढंग से चलेंगे? उन्होंने कहा कि फैसले से पहले उन लोगों से संवाद होना चाहिए जो वर्षों से फील्ड में काम कर रहे हैं।
कार्यकर्ताओं का तर्क था कि समाधान दंडात्मक कदमों में नहीं बल्कि नसबंदी, टीकाकरण और समुदाय-आधारित देखभाल जैसे मानवीय तरीकों में है। रैली शांतिपूर्ण रही लेकिन संदेश साफ था कि स्ट्रीट डॉग प्रबंधन में संवेदनशील, व्यावहारिक और सहभागी नीति की जरूरत है।






