लखनऊ, 26 नवंबर 2025 :
उत्तर प्रदेश में इन दिनों SIR (Special Intensive Revision) यानी वोटर लिस्ट अपडेट का काम चल रहा है। लेकिन इसी बीच एक नया स्कैम लोगों को फंसा रहा है। ठग खुद को BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) बताकर लोगों को कॉल कर रहे हैं और OTP मांग रहे हैं, जिससे कई लोग इसे असली सरकारी प्रक्रिया समझकर अपनी निजी जानकारी दे रहे हैं।

क्या है SIR का मतलब?
यह चुनाव आयोग का ऑफिशियल काम होता है जिसमें वोटर की जानकारी चेक की जाती है-जैसे नाम, उम्र, पता सही है या नहीं, नया वोटर जुड़ना है या नहीं आदि। असली SIR में OTP, लिंक या किसी तरह की डिजिटल वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होती।
कैसे हो रही है SIR के नाम पर ठगी?
साइबर ठग फोन, WhatsApp या SMS के जरिये लोगों से संपर्क करते हैं और खुद को इलेक्शन ऑफिसर या BLO बताकर कहते हैं-आपका SIR वेरिफिकेशन पूरा नहीं हुआ है, आपका नाम वोटर लिस्ट से हट सकता है। इसके बाद कहते हैं कि,आपके नंबर पर OTP आया होगा, उसे बताइए ताकि वेरिफिकेशन पूरा कर दें। यही OTP उनके लिए चोरी का रास्ता (gateway) बन जाता है। कुछ मामलों में ये ठग फेक लिंक या नकली ऐप भेजकर कहते हैं कि,यहाँ से SIR फॉर्म डाउनलोड कर लीजिए। जैसे ही कोई उस लिंक पर क्लिक करता है, फोन में मालवेयर घुस जाता है। यानी कहानी शुरू होती है वोटर वेरिफिकेशन के नाम पर…और खत्म होती है आपके पैसे और डेटा के उड़ जाने पर।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कियाआगाह
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अलर्ट जारी किया है। उन्होंने बताया कुछ लोग फर्जी BLO बनकर घर-घर फोन कर रहे हैं। इन कॉल में मतदाताओं से मोबाइल पर आए OTP की मांग की जा रही है। जबकि असली BLO कभी भी OTP नहीं मांगते। यह पूरी तरह साइबर फ्रॉड है। उन्होंने कहा, ऐसी कोई कॉल आए तो तुरंत काट दें, किसी के साथ OTP शेयर न करें। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि-लोगों को जागरूक करें। OTP मांगने वाली कॉल पर तुरंत कार्रवाई करें। इसके अलावा मतदाताओं को बताएँ कि असली SIR प्रक्रिया पूरी तरह मैनुअल है।
असली BLO क्या करते हैं?
SIR के दौरान BLO घर-घर जाकर गणना प्रपत्र देते हैं। जरूरत पड़ने पर वे फॉर्म भरने में मदद करते हैं। मतदाता चाहें तो खुद भी फॉर्म भरकर BLO को दे सकते हैं। इस प्रक्रिया में कोई लिंक, OTP या मैसेज वेरिफिकेशन नहीं होता।
मतदाताओं के लिए जरूरी सलाह
कोई भी कॉल आए और वह OTP मांगे, तो तुरंत मना करें और BLO की पहचान सिर्फ उन्हीं के ID कार्ड से करें। किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। इसके अलावा फॉर्म सिर्फ असली BLO को ही दें।






