Uttarakhand

चारधाम यात्रा: केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम परिसर में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक, 19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा

इस बार की यात्रा को लेकर बदरी-केदार मंदिर समिति का बड़ा फैसला, समिति के अधीन संचालित 45 अन्य मंदिरों में भी गैर हिंदुओं की एंट्री वर्जित, यात्रा के लिए 6 मार्च से चल रहा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

देहरादून, 11 मार्च 2026:

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 19 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ पवित्र यात्रा की शुरुआत होगी। बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट मई में श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए राज्य सरकार और प्रशासन यात्रा व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने में जुटे हैं।

इस बार की यात्रा को लेकर बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने एक बड़ा फैसला लिया है। समिति ने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम परिसर में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं समिति के अधीन संचालित 45 अन्य मंदिरों में भी गैर हिंदुओं की एंट्री वर्जित रहेगी। इस तरह 47 मंदिरों के गर्भगृह और मंदिर परिसर में केवल हिंदू श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति होगी।

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बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि जो लोग सनातन धर्म और हिंदुत्व में आस्था रखते हैं, वही बाबा केदारनाथ और बदरी विशाल के सच्चे भक्त हैं। ऐसे श्रद्धालुओं का मंदिरों में स्वागत है, लेकिन जो लोग सनातन परंपराओं को नहीं मानते, उन्हें मंदिर परिसर में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय धार्मिक स्थलों की पवित्रता और परंपराओं को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

दरअसल, इस फैसले की पृष्ठभूमि जनवरी 2026 में हरिद्वार के हरकी पैड़ी पर गंगा सभा द्वारा उठाई गई मांग से जुड़ी है। उस समय हरकी पैड़ी को ‘अहिंदु प्रवेश निषेध क्षेत्र’ घोषित करते हुए वहां बोर्ड लगाए गए थे। इसके बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया था। धीरे-धीरे यह मांग चारधाम क्षेत्रों तक पहुंच गई।

चारधाम यात्रा के दौरान धाम क्षेत्रों में मोबाइल फोन के उपयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा ताकि श्रद्धालुओं को शांत और आध्यात्मिक माहौल मिल सके। यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 6 मार्च से शुरू हो चुका है और बिना पंजीकरण के यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।
राज्य सरकार ने सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी विशेष तैयारी की है।

पर्यटन विभाग की ओर से हेली सेवा, पार्किंग व्यवस्था और मेडिकल कैंपों की संख्या बढ़ाई जा रही है। चारधाम यात्रा को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार माना जाता है, क्योंकि हर साल लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलता है। हालांकि गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक के फैसले को लेकर कुछ विवाद की संभावना भी जताई जा रही है।

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