Uttar Pradesh

आगरा किले में छत्रपति शिवाजी जयंती की गूंज : आज लेजर शो से जगमगाएगा शौर्य का इतिहास

राष्ट्र नायकों को सम्मान देने की योगी सरकार की नीति की कड़ी है कार्यक्रम, नाटिका और गौरवशाली गीतों की प्रस्तुतियां इतिहास को करेंगी जीवंत, महाराष्ट्र के सीएम सहित कई मंत्री और केंद्रीय मंत्री होंगे शामिल

आगरा/लखनऊ, 19 फरवरी 2026:

यूपी की ताजनगरी आगरा आज एक बार फिर शौर्य, स्वाभिमान और स्वराज्य की गाथाओं से गूंजेंगी। आगरा किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर लगातार चौथे वर्ष भव्य ‘शिव जयंती उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक स्थल पर होने वाला यह आयोजन संस्कृति का उत्सव होने के साथ राष्ट्रनायकों की विरासत को सम्मान देने की एक मजबूत पहल भी है।

आयोजक संस्था ‘अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान’ के अध्यक्ष विनोद पाटिल के अनुसार आगरा किला छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वाभिमान और अदम्य साहस का सबसे बड़ा साक्षी है। यहीं मुगल बादशाह औरंगजेब के समक्ष शिवाजी महाराज ने निर्भीकता से अपना पक्ष रखा था और बुद्धिमत्ता से नजरबंदी से निकलकर स्वराज्य को और मजबूत किया। तीन वर्षों से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार तथा पुरातत्व विभाग के सहयोग से यह उत्सव उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है।

आज शाम छह बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम का सह संयोजन महाराष्ट्र सरकार का सांस्कृतिक विभाग कर रहा है। उत्सव का मुख्य आकर्षण शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित भव्य ‘लेजर शो’ होगा। इसके साथ ही नाटिका और गौरवशाली गीतों की प्रस्तुतियां इतिहास को जीवंत कर देंगी। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी।

यूपी सरकार राष्ट्रनायकों की विरासत को सहेजने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। सीएम योगी ने सितंबर 2020 में मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर ‘छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम’ करने का निर्णय लिया था। करीब छह एकड़ क्षेत्र में 141 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह आधुनिक म्यूजियम दिसंबर 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है। इसमें इंटरैक्टिव गैलरी के जरिए आगरा किले से शिवाजी महाराज के साहसिक पलायन की ऐतिहासिक घटना को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा।

इसके अलावा यूपी और महाराष्ट्र सरकार मिलकर कोठी मीना बाजार को भी एक भव्य स्मारक के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही हैं। यही वह स्थान है जहां 1666 में शिवाजी महाराज को नजरबंद रखा गया था। आगरा किले के सामने स्थापित उनकी भव्य प्रतिमा आज भी उनके अदम्य साहस की याद दिलाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button