लखनऊ, 20 मार्च 2026:
यूपी में बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण ट्रैकर पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार गत जनवरी की तुलना में फरवरी माह में स्टंटिंग में लगभग 1.21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही अति कुपोषित श्रेणी के बच्चों में करीब 0.12 प्रतिशत और अंडरवेट बच्चों में 0.61 प्रतिशत का सुधार सामने आया है।
यह प्रगति दर्शाती है कि राज्य सरकार बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह वर्ष तक के बच्चों की लंबाई, वजन और आयु का नियमित आकलन किया जा रहा है। इससे उनकी पोषण स्थिति का सटीक निर्धारण संभव हो पा रहा है।
फरवरी माह में प्रदेशभर में बड़े स्तर पर परीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान में एक करोड़ 43 लाख से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। इस अभियान के जरिए कुपोषण की पहचान कर समय रहते जरूरी हस्तक्षेप सुनिश्चित किया गया।
पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से डेटा का संकलन और विश्लेषण अधिक पारदर्शी और सटीक हुआ है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा नियमित डेटा अपडेट किए जाने से बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि निरंतर निगरानी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से आने वाले समय में पोषण संकेतकों में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा।






