लखनऊ, 25 फरवरी 2026:
राजधानी में मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए बुधवार को बड़े स्तर पर मॉकड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया गया, जहां कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पर हमले जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। कुछ ही सेकंड में सुरक्षा में तैनात कमांडो ने कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कार्यक्रम के दौरान बनाया गया हमले का सीन
मॉकड्रिल के अनुसार मुख्यमंत्री आवास कालिदास मार्ग से एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे थे। मंच से भाषण के दौरान भीड़ में बैठे एक युवक द्वारा फायरिंग किए जाने का दृश्य तैयार किया गया। जैसे ही खतरे का संकेत मिला, सुरक्षा टीम ने तत्काल सुरक्षा घेरा बनाकर मुख्यमंत्री को कवर कर लिया। करीब तीन मिनट के भीतर उन्हें कार्यक्रम स्थल से सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।

कमांडो ने संभाला मोर्चा
अभ्यास में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के कमांडो और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। हमले की सूचना मिलते ही कमांडो ने हमलावर को नियंत्रित करने और वीआईपी को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई दिखाई। इसके साथ ही घायल होने की स्थिति मानते हुए मेडिकल रेस्पॉन्स भी शुरू किया गया।
अस्पताल को किया गया अलर्ट
मॉकड्रिल के अगले चरण में मुख्यमंत्री को इलाज के लिए डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाने की प्रक्रिया का अभ्यास हुआ। अस्पताल प्रशासन को पहले से अलर्ट भेजा गया, ट्रैफिक पुलिस ने रास्ता खाली कराया और आपात व्यवस्था सक्रिय की गई। अस्पताल परिसर में मरीजों की आवाजाही नियंत्रित कर एंबुलेंस को सीधे अंदर पहुंचाने की व्यवस्था दिखाई गई।
हालत गंभीर होने पर एयरलिफ्ट का अभ्यास
अभ्यास के अंतिम चरण में स्थिति गंभीर मानते हुए काफिले को अमौसी एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। वहां से दिल्ली भेजने की प्रक्रिया का भी रिहर्सल किया गया, ताकि किसी आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय कम किया जा सके।

विदेश दौरे पर हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिलहाल विदेश दौरे पर हैं और सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी अनुपस्थिति में यह मॉकड्रिल आयोजित कर पूरी सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी और समन्वय क्षमता को परखा। अधिकारियों के मुताबिक ऐसे अभ्यास का मकसद वीआईपी सुरक्षा, आपात प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करना है, ताकि वास्तविक संकट की स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।






