योगेंद्र मलिक
देहरादून, 24 जनवरी 2026:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में एक निजी यूनिवर्सिटी में ज्योतिष पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर पंडित पुरुषोत्तम गौड़ को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल प्राचीन और दिव्य ज्ञान में छिपे वैज्ञानिक रहस्यों को आम लोगों तक पहुंचाने का अनूठा प्रयास है।
भारतीय सनातन संस्कृति में ज्ञान और विज्ञान का संगम
सीएमम धामी ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति केवल आस्था और विश्वास पर आधारित नहीं है, बल्कि इसमें गहन वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध भी निहित हैं। उन्होंने बताया कि ऋषि-मुनियों ने खगोल और गणित में क्रांतिकारी सिद्धांत स्थापित किए। आर्यभट्ट, महर्षि पराशर, वराहमिहिर और भृगु मुनि जैसे विद्वानों ने ज्योतिष और खगोल विज्ञान को व्यवस्थित और वैज्ञानिक स्वरूप दिया।

ज्योतिष विज्ञान से जीवन और भविष्य की समझ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्य, चंद्रमा और ग्रह केवल आकाशीय पिंड नहीं हैं, बल्कि ये मानव जीवन और प्रकृति के संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र जीवन, आध्यात्म और दैविक व्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित करता है। नासा भी अब मानने लगा है कि भारतीय ज्योतिष विज्ञान से कई खगोलीय घटनाओं की भविष्यवाणी संभव है।
उत्तराखंड को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र बनाने की दिशा
धामी ने कहा कि राज्य में ज्योतिष और सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड ज्योतिष परिषद का गठन किया गया है। इसके साथ ही दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना और गढ़वाल-कुमाऊं में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की योजना बनाई गई है। उनका उद्देश्य है कि युवा पीढ़ी प्राचीन भारतीय ज्ञान और विज्ञान को समझे और इसका उपयोग अपनी जीवन यात्रा में करे।






