लखनऊ, 23 फरवरी 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावनात्मक ‘पाती’ लिखकर बीते नौ वर्षों में हुए बदलावों और सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि सुशासन और समावेशी नीतियों के दम पर प्रदेश आज देश के टॉप-3 राज्यों में शामिल है। सीएम योगी के मुताबिक नए भारत का नया उत्तर प्रदेश नव-निर्माण का स्वर्णिम अध्याय लिख रहा है। इसकी नींव युवा, महिलाएं और अन्नदाता हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के सशक्तीकरण को सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए ‘वन डिविजनल हेडक्वार्टर-वन स्पोर्ट्स कॉलेज एवं एक्सीलेंस सेंटर’, ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना और एआई मिशन की शुरुआत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण से स्वरोजगार की नई संभावनाएं खुली हैं। वहीं महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना और महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड से माताएं-बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। जनपद स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावास बेटियों को सुरक्षित माहौल देने की दिशा में बड़ा कदम बताया गया।
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
‘नए भारत’ का ‘नया उत्तर प्रदेश’ नौ वर्षों में नव-निर्माण का स्वर्णिम अध्याय बन चुका है।
प्रदेश के बढ़ते सामर्थ्य की आधारशिला युवा, महिलाएं और अन्नदाता हैं। वंचितों, पिछड़ों एवं दलितों के सम्मान के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047… pic.twitter.com/ltLBQsx48O
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 23, 2026
सीएम योगी ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि तब बेसिक शिक्षा में पढ़ने वाली कई बेटियां नंगे पैर स्कूल जाती थीं। सरकार बनने के बाद बेटियों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर अनिवार्य रूप से देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र, जाति या मजहब का भेद नहीं किया गया क्योंकि बेटियां पूरे समाज की हैं।
किसानों को लेकर सीएम ने कहा कि अन्नदाता जब पसीना बहाते हैं तो उन्हें उपज का बेहतर मूल्य मिलना चाहिए। इसलिए उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। 2017 से पहले बिजली कटौती के कारण ट्यूबवेल नहीं चल पाते थे। अब 16 लाख से अधिक किसानों को निशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही वृद्धावस्था, दिव्यांगजन और निराश्रित महिला पेंशन के 1 करोड़ 6 लाख लाभार्थियों की राशि बढ़ाई गई है।
सीएम योगी ने सामाजिक समरसता के प्रतीकों को सम्मान देने के लिए डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर, सद्गुरु रविदास और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं को भव्य स्वरूप देने के लिए 500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की बात कही। अंत में उन्होंने ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ के संकल्प को आत्मनिर्भर प्रदेश के निर्माण से जोड़ते हुए प्रदेशवासियों से इस गौरवमयी यात्रा में सहभागी बनने की अपील की।






