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फार्मा कॉन्क्लेव : उद्यमियों के बीच पहुंचे सीएम, कहा…यूपी में कभी डेढ़ एक्सप्रेसवे थे, अब पालिसी पैरालिसिस नहीं

कॉन्क्लेव में देश की 11 अग्रणी कंपनियों ने साइन किए एमओयू, 10,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश, सीएम ने यूपी में फार्मा सेक्टर के लिए सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट बताया, प्रदेश में अब 'रूल ऑफ लॉ'

लखनऊ, 3 फरवरी 2026:

राजधानी लखनऊ में प्रदेश के पहले फार्मा कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस मौके पर देश की 11 अग्रणी कंपनियों ने एमओयू साइन किया। ये मेडिकल डिवाइस बनाकर नई दवाओं पर मिलकर शोध करेंगी। इस मौके पर सीएम ने 2017 से पहले यूपी के हालातों का जिक्र कर कहा कि यूपी में फार्मा सेक्टर के लिए सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट है। आपका भरोसा कायम रहेगा। यहां अपराधियों में कोई अपना पराया नहीं न ही पॉलिसी पैरालिसिस की स्थित है।

राजधानी के एक निजी फाइव स्टार होटल में आयोजित इस कॉन्क्लेव में सीएम संग डिप्टी सीएम बृजेश पाठक व अन्य विभागों के कई मंत्री भी मौजूद रहे। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा वर्चुअली जुड़े रहे। सीएम ने कहा आज उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में एक ‘ब्रेकथ्रू’ के रूप में उभरा है। आज प्रदेश एक ‘रेवेन्यू सरप्लस स्टेट’ के रूप में कार्य कर रहा है। देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इसी माह राष्ट्र को समर्पित करने का हमारा प्रयास है। एयरपोर्ट से सटे लगभग 350 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि हमने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इन्सेफेलाइटिस बीमारी को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। 2017 से पहले जब सुरक्षा नहीं थी तो जो पहले से उद्यम थे, वो भी पलायन कर रहे थे। हम लोगों ने जीरो टॉलरेंस तय किया। अब अपराधियों में कोई अपना-पराया नहीं होगा। उत्तर प्रदेश में आज ‘रूल ऑफ लॉ’ है। यहां कानून के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने की छूट नहीं है। यदि कोई व्यक्ति कानून को आंखें दिखाता है, तो कानून अपने दायरे में रहते हुए उसे उसी की भाषा में समझाता है। यही आज का उत्तर प्रदेश है। पहले जमीन नहीं थी भूमाफिया का कब्जा था। हमने टास्क फोर्स बनाई 24 घण्टे का समय दिया। उस समय 65 हजार एकड़ जमीन खाली हुई वही हमारा लैंड बैंक बना।

CM Yogi at Pharma Conclave Promotes Growth Strategies (1)

वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने कार्यरत थे। बीते नौ वर्षों में यह संख्या बढ़कर 30,000 से अधिक हो गई है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि डबल इंजन की सरकार, डबल स्पीड से उत्तर प्रदेश के विकास को आगे बढ़ा रही है।वर्तमान में 1,200 करोड़ की लागत से ‘मेडटेक’ का एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है। इसमें राज्य सरकार पूरा सहयोग कर रही है और आईआईटी कानपुर के एलुमनाई भी सक्रिय रूप से सपोर्ट कर रहे हैं।

आज से नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में केवल डेढ़ एक्सप्रेस-वे थे, जबकि आज देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में हैं। प्रदेश के भीतर अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी चार लेन सड़कों के माध्यम से सुदृढ़ रूप से जुड़ी हुई है। डी-रेगुलेशन रैंकिंग में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक पर है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में भी उत्तर प्रदेश देश का टॉप अचीवर राज्य है। डी-क्रिमिनलाइजेशन के माध्यम से राज्य के 13 अधिनियमों में मौजूद आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर उद्योगों को सुगम और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया गया है।

सीएम ने पहले फार्मा कॉन्क्लेव में एमओयू साइन करने वाली कंपनियों का आभार जताते हुए कहा कि आपने उत्तर प्रदेश की फार्मा पॉलिसी पर विश्वास व्यक्त किया है वो भरोसा कायम रहेगा। फार्मा सेक्टर के लिए सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट उत्तर प्रदेश में है। अब उत्तर प्रदेश में ‘पिक एंड चूज’ और पॉलिसी पैरालिसिस की स्थिति नहीं है। आज प्रदेश के पास अपनी 34 सेक्टोरल पॉलिसीज हैं। कोई भी निवेशक यहां आता है, तो सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के माध्यम से हम उसे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। उत्तर प्रदेश अपने हर निवेशक को ट्रिपल-S (Safety, Stability and Speed) की गारंटी देता है।

साइन किए गए MoU:

– अर्ना फार्मा -1,250 करोड़
– बायोजेंटा लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड 1,250 करोड़
– शुक्र फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड – 737 करोड़
– वाल्टर बुशनेल एंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड – 590 करोड़
– झानविका लैब्स प्राइवेट लिमिटेड – 553 करोड़
– कोरो हेल्थ GCC – 418 करोड़
– मार्क लेबोरेटरीज लिमिटेड – 300 करोड़
– हाइग्लैंस लेबोरेटिज प्राइवेट लिमिटेड 120 करोड़
– रसपा फार्मा प्राइवेट लिमिटेड – 107 करोड़
– रोमसंस मेडवर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड -100 करोड़
– कोटेक हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड-100 करोड़

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