लखनऊ, 3 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था और स्थिर प्रशासनिक माहौल होने के कारण यह देश के उद्योग जगत के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इसका असर यह है कि बड़े, मध्यम और छोटे सभी स्तर के उद्योग तेजी से प्रदेश की ओर रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष राजीव मेमानी, इंडिया ग्लाइको लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक उमाशंकर भरतिया और सुनील मिश्रा ने मुलाकात की। इस दौरान निवेश, आधारभूत ढांचे और औद्योगिक विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश का शासन तंत्र पूरी तरह बदला है और अब परियोजनाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के विजन में उद्योग जगत सरकार के साथ खड़ा है। औद्योगिक विकास को और गति देने को लेकर भी विचार विमर्श हुआ। डिक्रिमिनलाइजेशन विधेयक लागू होने के बाद उद्योगों का भरोसा और मजबूत हुआ है। निवेश के अनुकूल नीतियों और प्रोत्साहनों के चलते प्रदेश में वैश्विक निवेश में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
उद्योग प्रतिनिधियों के मुताबिक सख्त कानून व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिरता के कारण निवेश से जुड़े फैसले लेना आसान हुआ है। एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारे, हवाई अड्डे, लॉजिस्टिक्स हब और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के तेज विकास ने राज्य के औद्योगिक वातावरण को नई मजबूती दी है। इन सुविधाओं से उद्योगों को संचालन और विस्तार दोनों में सहूलियत मिल रही है।
सीएम योगी के साथ चर्चा में यह भी सामने आया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अब केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर दिखाई दे रहा है। निवेश मित्र सिंगल विंडो सिस्टम के तहत 43 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं डिजिटल रूप से उपलब्ध हैं, जिससे बिना भौतिक हस्तक्षेप के समय पर मंजूरी मिल रही है। जल्द ही निवेश मित्र 3.0 शुरू किया जाएगा, जिसमें एआई और चैटबोट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
उद्योग जगत का मानना है कि बेहतर प्रशासन, मजबूत आधारभूत ढांचा और पारदर्शी व्यवस्था के चलते उत्तर प्रदेश अब एक भरोसेमंद निवेश राज्य के रूप में उभर चुका है और आने वाले समय में यहां नए निवेश और विस्तार की संभावनाएं और बढ़ेंगी।






