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UP में नौकरी, न्याय और सम्मान की जंग : मिर्जापुर से सारनाथ तक ‘रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा

आम आदमी पार्टी 16 से 22 जनवरी तक निकालेगी पदयात्रा, पार्टी नेता संजय सिंह का सरकार पर सीधा हमला-लेखपाल, दरोगा, सिपाही, पीसीएस-जे जैसी परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ियां कर युवाओं का भविष्य किया चौपट

लखनऊ, 3 जनवरी 2026:

यूपी में बेरोजगारी, पेपर लीक, आरक्षण में कथित घोटालों और बढ़ते सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने निर्णायक आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि पार्टी अपने तीसरे चरण की ‘रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा 16 जनवरी से 22 जनवरी तक निकालेगी। यह पदयात्रा मिर्जापुर स्थित शहीद उद्यान से शुरू होकर काशी-वाराणसी के सारनाथ तक लगभग 90 से 100 किलोमीटर के मार्ग पर होगी।

संजय सिंह ने कहा कि इस यात्रा का स्पष्ट उद्देश्य युवाओं को नौकरी, वंचित वर्गों को संवैधानिक न्याय और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में रोजगार के नाम पर एक संगठित खेल चल रहा है। कभी पेपर लीक, कभी हाईकोर्ट से स्टे और कभी सुप्रीम कोर्ट में सरकार की अपील, नतीजा यह कि नौजवान हाथ में फाइल और आंखों में सपने लिए दर-दर भटक रहा है।

उन्होंने कहा कि लेखपाल, दरोगा, सिपाही, पीसीएस-जे जैसी परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ियां कर युवाओं का भविष्य चौपट किया गया है। साथ ही भर्ती प्रक्रियाओं में ओबीसी, एससी और एसटी के संवैधानिक आरक्षण को सुनियोजित तरीके से कमजोर किया गया। 69,000 शिक्षक भर्ती, बांदा विश्वविद्यालय, लखीमपुर कोऑपरेटिव बैंक और पशुधन विभाग हर जगह आरक्षण के अधिकार पर डाका डाला गया। संजय सिंह ने दो टूक कहा कि आरक्षण किसी पार्टी की देन नहीं बल्कि संविधान का अधिकार है। इसी अधिकार को कुचला जा रहा है।

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उन्होंने प्रदेश में बढ़ती सामाजिक अपमान की घटनाओं पर भी चिंता जताई। कभी किसी बुजुर्ग को अपमानित किया जाता है, कभी पिछड़ी जाति से जुड़े कथावाचक की चुटिया काटी जाती है, तो कभी सीआरपीएफ के जवान को घोड़ी पर चढ़ने से रोका जाता है। संजय सिंह ने कहा कि यही उत्तर प्रदेश की सच्चाई बनती जा रही है। इस तस्वीर को बदलने के लिए यह पदयात्रा निकाली जा रही है।

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उन्होंने बताया कि बेरोजगारी से त्रस्त बुनकर समाज, रेहड़ी-पटरी वाले, बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित दुकानदार, आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रोजगार सेवक, शिक्षामित्र और नियमितीकरण व पेंशन के लिए संघर्षरत कर्मचारी आदि की आवाज यह यात्रा बनेगी जो अपने हक के लिए लड़ रहा है। जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इस आंदोलन से जुड़ें और सरकार पर नौकरियां देने का दबाव बनाएं।

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