लखनऊ, 18 फरवरी 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक कॉन्क्लेव में सियासी माहौल गरमा दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए आगे आने की सलाह देते हुए कहा कि यदि नीयत शुद्ध हो तो ऐसे प्रयासों का स्वागत किया जाना चाहिए। इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर को लेकर संभावित निमंत्रण पर सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि नीयत साफ होती तो जरूर जाता। हालांकि देर से सही, मंदिर निर्माण के लिए अखिलेश यादव को बधाई भी दी।
सीएम योगी ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पूरा भरोसा जताया कि भाजपा 2022 से अधिक सीटें हासिल कर डबल इंजन सरकार के साथ फिर सत्ता में लौटेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को ट्रिपल-टी यानी टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन से जोड़ा गया है। 75 जिलों और 403 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जनता से मिलने की चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आम लोग मौजूदा सरकार के कामकाज की वकालत करते नजर आएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी को उसकी पहचान वापस दिलाना सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। युवाओं को अवसर, किसानों को समृद्धि, श्रमिकों को स्थानीय रोजगार और महिलाओं को सुरक्षा मिली है। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को उन्होंने रामराज्य की अवधारणा से जोड़ते हुए कहा कि सिर्फ मंदिर बनाना ही नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव दिखाना सरकार की जिम्मेदारी है।
राजनीतिक विरोधियों पर हमलावर अंदाज में सीएम योगी ने सपा के पीडीए को अवसरवाद का नमूना बताते हुए इसे परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी करार दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि जिसकी जैसी दृष्टि, वैसी सृष्टि। देश और प्रदेश को लेकर विपक्ष की सोच नकारात्मक रही है।
राष्ट्र प्रतीकों के सम्मान पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र रहा है। राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान व तिरंगे का अपमान देश के शहीदों और संविधान निर्माताओं का अपमान है। कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने बुलडोजर को माफिया प्रवृत्ति के खिलाफ प्रतीक बताया और ब्रह्मोस जैसे रक्षा निवेशों को यूपी की उभरती सामरिक क्षमता से जोड़ा।
विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए सीएम योगी ने कहा कि भारत तेजी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जबकि पाकिस्तान आर्थिक रूप से यूपी का मुकाबला भी नहीं कर सकता। वहीं हैदराबाद और ओवैसी को लेकर दिए गए बयान ने भी सियासी हलकों में चर्चा तेज कर दी। मंच से सीएम योगी का संदेश साफ था कि विकास, कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान के एजेंडे के साथ भाजपा 2027 में और मजबूत होकर लौटने का दावा कर रही है।






