लखनऊ, 5 जनवरी 2026:
यूपी में साइबर अपराधियों के खिलाफ सरकार ने मोर्चा खोलते हुए तकनीक, सख्ती और जागरूकता के स्तरों पर निर्णायक कदम उठाए हैं। सीएम योगी के निर्देश पर पुलिस ने साइबर कमांडो तैनात कर ठगी और ऑनलाइन फ्रॉड के नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई तेज की है। इसके साथ आम नागरिकों को सतर्क करने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में सीएम योगी ने सोमवार को अपनी ‘पाती’ के माध्यम से प्रदेशवासियों से संवाद किया। साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को लेकर आगाह किया। मुख्यमंत्री का यह संदेश मीडिया के विभिन्न माध्यमों से प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचा। उन्होंने लोगों से न केवल स्वयं सतर्क रहने, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य वर्गों विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को भी जागरूक करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि साइबर अपराधी ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे भ्रामक शब्दों का इस्तेमाल कर लोगों को डराते और उनसे पैसे ऐंठते हैं जबकि देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि न तो पुलिस और न ही कोई सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए गिरफ्तारी करती और न ही पैसे की मांग करती है।

योगी ने यह भी रेखांकित किया कि मोबाइल फोन और कंप्यूटर ने जीवन को जितना आसान बनाया, उतनी ही नई चुनौतियां साइबर अपराध के रूप में सामने आई हैं। इनसे निपटने के लिए सरकार लगातार मजबूत ढांचा खड़ा कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल दो साइबर क्राइम थाने थे। आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन और हर जिले में साइबर हेल्प डेस्क सक्रिय हैं।
सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग पर चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक रूप से साझा की गई तस्वीरें, वीडियो और लोकेशन अक्सर अपराधियों के लिए हथियार बन जाती हैं। उन्होंने नागरिकों से कभी भी ओटीपी, बैंक विवरण या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करने की अपील की। इसके साथ ही योगी सरकार के निर्देश पर यूपी पुलिस द्वारा ‘डिजिटल अरेस्ट’ विषय पर एक लघु जागरूकता फिल्म भी जारी की गई है। इसमें प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर ने प्रभावशाली भूमिका निभाई है। मात्र चार दिनों में इस फिल्म को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि सभी सावधानियों के बावजूद कोई साइबर अपराध का शिकार हो जाए, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जितनी जल्दी सूचना दी जाएगी, उतनी ही अधिक धन की रिकवरी और आगे के नुकसान को रोकने की संभावना होगी। अंत में सीएम ने नागरिकों से सामूहिक प्रयास का आह्वान करते हुए कहा कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधियों के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार हैं। इसी संकल्प के साथ योगी सरकार सुरक्षित और साइबर अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।






