लखनऊ, 1 मार्च 2026:
यूपी सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना जमीनी स्तर पर युवाओं के सपनों को आकार दे रही है। आजमगढ़ के 25 वर्षीय अविनाश सिंह इसकी सशक्त मिसाल हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद उद्यमिता की राह चुनकर अपना व्यवसाय खड़ा करने के साथ पांच युवाओं को रोजगार भी दिया।
अविनाश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी (गणित) की पढ़ाई पूरी की है। किसान परिवार से आने वाले अविनाश घर के बड़े बेटे हैं। माता-पिता और पांच भाई-बहनों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। नौकरी की तलाश के बजाय उन्होंने स्वरोजगार का रास्ता चुना। जनवरी 2025 में ऑनलाइन माध्यम से योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने जिला उद्योग केंद्र से संपर्क किया। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर अधिकारियों के मार्गदर्शन से प्रक्रिया शीघ्र पूरी हुई।
फरवरी 2025 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से उन्हें बिना गारंटी और बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे पांच लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। पहली किस्त के रूप में 2.57 लाख रुपये और दूसरी किस्त के रूप में 1.53 लाख रुपये सीधे उनके खाते में जमा किए गए। योजना के तहत ब्याज में विशेष राहत ने शुरुआती जोखिम को काफी कम कर दिया।
इस पूंजी से अविनाश ने आजमगढ़ में ‘विद्या डिजिटल लाइब्रेरी’ की शुरुआत की, जहां छात्रों को शांत, तकनीकी रूप से सुसज्जित वातावरण में ऑनलाइन अध्ययन की सुविधा मिलती है। आधुनिक डिजिटल संसाधनों और अनुशासित अध्ययन-स्थल की वजह से क्षेत्र के विद्यार्थियों ने इस पहल को हाथों-हाथ लिया। आज उनके उद्यम से प्रतिमाह 30 हजार रुपये से अधिक की आय हो रही है। वे नियमित रूप से 10 हजार रुपये से ज्यादा की मासिक किस्त भी चुका रहे हैं।
सफलता से उत्साहित होकर अविनाश ने आजमगढ़ में दूसरी डिजिटल लाइब्रेरी भी शुरू कर दी है। अब वे वर्ष के मध्य तक प्रयागराज में तीसरी शाखा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। अविनाश का मानना है कि दृढ़ संकल्प, सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग युवाओं को आत्मनिर्भर बना सकता है। उनकी कहानी बताती है कि सही अवसर मिले तो युवा न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करते हैं बल्कि समाज में रोजगार सृजन की नई राह भी खोलते हैं।






