लखनऊ, 27 नवंबर 2025:
कानपुर की 20 वर्षीय मूक बधिर बिटिया खुशी गुप्ता का सीएम से मुलाकात का दिन जिंदगी बदल देने वाला साबित हुआ। आर्थिक तंगी और मुश्किल हालात से जूझ रही खुशी ने अपने हाथों से बनाए चित्रों के सहारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की थी। उसकी यह कोशिश सफल हुई और मुख्यमंत्री ने खुशी व उसके परिवार को अपने सरकारी आवास पर बुलाकर मदद का भरोसा दिया।
कानपुर के ग्वालटोली अहरानी निवासी खुशी अपने मां गीता पिता कल्लू और भाई जगत गुप्ता के साथ मुख्यमंत्री आवास पहुंची। योगी आदित्यनाथ ने पूरे परिवार से स्नेहपूर्वक बात की और उनकी जरूरतों को समझा। खुशी के पिता पहले संविदा पर गार्ड की नौकरी करते थे, लेकिन अब बेरोजगार हैं। मां घरों में काम करती हैं। परिवार की इसी हालत को देखकर खुशी सीएम को अपनी बनाई तस्वीरें देना चाहती थी।
बता दें कि गत 22 नवंबर को खुशी बिना बताए अकेले कानपुर से लखनऊ निकल गई थी। राजधानी पहुंचकर वह रास्ता भटक गई और लोकभवन के बाहर रोती हुई मिली। हजरतगंज पुलिस ने उसे संभाला और परिवार से संपर्क कराया। खुशी पढ़ी-लिखी तो नहीं है, लेकिन अपने पिता और मुख्यमंत्री का नाम लिखना जानती है।
जब मुख्यमंत्री को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत खुशी और उसके परिवार को अपने आवास बुलाया। खुशी के बनाए चित्रों को भी ध्यान से देखा। मुलाकात के दौरान योगी ने घोषणा की कि खुशी की शिक्षा की व्यवस्था कानपुर के मूकबधिर कॉलेज में कराई जाएगी। पढ़ाई और कौशल विकास के लिए मोबाइल व टैबलेट भी दिया गया। सरकार उसके कान के इलाज का खर्च भी उठाएगी। इसके साथ ही परिवार को आवास देने का आश्वासन भी दिया गया। परिवार ने कहा कि उनके लिए यह मदद किसी नई उम्मीद से कम नहीं है। फिलहाल खुशी की कोशिश व सीएम की सह्रदयता ने पूरे परिवार का भविष्य ही बदल दिया है।






