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UP में गैस व तेल की कालाबाजारी पर कड़ा शिकंजा : 6 दिन में 5813 छापेमारी, 86 केस दर्ज और 11 गिरफ्तार

कालाबाजारी, अवैध भंडारण और कमी पैदा करने की कोशिशों पर सख्त कार्रवाई, 12 एलपीजी वितरकों एवं 74 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज, खाद्य आयुक्त कार्यालय में कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित

लखनऊ, 18 मार्च 2026:

यूपी में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सुचारु आपूर्ति बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। कालाबाजारी, अवैध भंडारण और कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 12 से 17 मार्च के बीच पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया गया।

खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार इन छह दिनों में प्रदेशभर में 5813 निरीक्षण और छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 12 एफआईआर दर्ज कराई गईं, जबकि कालाबाजारी और अवैध बिक्री में संलिप्त अन्य लोगों के विरुद्ध 74 केस दर्ज किए गए। इस दौरान 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 85 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार की सख्ती के बीच प्रदेश में ईंधन आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है। प्रदेश के 4108 एलपीजी गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुरूप समय पर रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई जा रही है। वितरकों के पास गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। जरूरत के अनुसार घरेलू एलपीजी रिफिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कामर्शियल सिलेंडरों के लिए भारत सरकार की ओर से कुल खपत का 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन भी दिया गया है। इससे बाजार में संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है।

पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति से जुड़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान और समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। इसके साथ ही होम कंट्रोल और जनपद स्तर पर भी कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलापूर्ति अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं जिससे कहीं भी ईंधन की कृत्रिम कमी न बनने पाए और उपभोक्ताओं को समय पर आवश्यक आपूर्ति मिलती रहे।

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