राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 15 फरवरी 2026:
होली पर्व नजदीक आते ही देहरादून के बाजार रंगों से सजने लगे हैं। इस बार खास बात यह है कि स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हर्बल रंग लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। ये रंग सुरक्षित और खुशहाल होली मनाने की नई पहल बन रहे हैं।
राजधानी के सहसपुर और रायपुर विकासखंड में महिलाओं ने प्राकृतिक सामग्री से रंग तैयार कर बाजार में बिक्री शुरू कर दी है। सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होली को ध्यान में रखते हुए बनाए गए ये रंग लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
सहसपुर ब्लॉक के आस्था क्लस्टर और रायपुर ब्लॉक के नई दिशा तथा दिव्य ज्योति क्लस्टर से जुड़ी करीब 30 महिलाओं ने टेसू और गुलाब के फूल, हल्दी, चंदन, पालक के पत्ते, चुकंदर और मेहंदी जैसी प्राकृतिक चीजों से हर्बल रंग तैयार किए हैं। ये रंग त्वचा के लिए सुरक्षित हैं और किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाते।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद महिलाओं को आर्थिक सहयोग मिला। योजना के तहत कच्चा माल खरीदने, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिली। इसका असर यह रहा कि सहसपुर और रायपुर क्षेत्र में महिलाओं ने करीब ढाई कुंतल प्राकृतिक रंग तैयार किए, जिन्हें बाजार में अच्छी मांग मिल रही है। महिलाओं को प्रति किलोग्राम 100 से 120 रुपये तक का मुनाफा भी हो रहा है।
रासायनिक रंगों से होने वाले नुकसान को देखते हुए लोग अब हर्बल रंगों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे समूह से जुड़ी महिलाओं की आमदनी बढ़ी है और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। जिला मिशन प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी समूह की महिलाएं होली के लिए हर्बल रंग तैयार कर रही हैं। ये सभी रंग समूह के आउटलेट्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।






