
न्यूज डेस्क, 4 अगस्त 2026:
दिल्ली के पूर्व सीएम एवं आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को E20 फ्यूल नीति के विरोध में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, जैस्मिन शाह समेत पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को फिरोजशाह रोड पर ही रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल समेत सभी नेता बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

आप का दावा है कि देशभर से E20 नीति के विरोध में 2.30 लाख से अधिक लोगों की याचिकाएं और चिट्ठियां जुटाई गई हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपने के लिए यह मार्च निकाला गया था। पार्टी के करीब 100 नेता और कार्यकर्ता इस मार्च में शामिल हुए थे। धरने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि E20 के खिलाफ करीब ढाई लाख लोगों ने प्रधानमंत्री को चिट्ठियां लिखी हैं। वे स्वयं ये चिट्ठियां प्रधानमंत्री को सौंपना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।
उन्होंने बताया कि सभी चिट्ठियां प्रधानमंत्री को भेज दी गई हैं और उन्होंने उन्हें एक संदेश भी भेजा है। केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री उनसे मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका के दबाव में देश में E20 नीति लागू की जा रही है। उनका दावा था कि अमेरिका से एथेनॉल मंगाकर भारतीय वाहन मालिकों पर यह नीति थोपी जा रही है, जिससे लाखों गाड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को किसी भी विदेशी दबाव में नहीं आना चाहिए और E20 नीति को तत्काल वापस लेना चाहिए।
आप संयोजक ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक देश है और भारत पर इसे खरीदने का दबाव बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का कचरा खरीदकर हमारी 30 लाख गाड़ियों पर थोपा जा रहा है। इसे रोकने के लिए NEET आंदोलन से भी बड़ा जनआंदोलन खड़ा करना होगा। उन्होंने लोगों से इस अभियान में जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि E20 नीति के खिलाफ उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी केवल लोगों की चिट्ठियां प्रधानमंत्री तक पहुंचाने आई थी। उन्होंने मांग की कि यदि आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी तो प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का कोई अधिकारी मौके पर आकर ज्ञापन स्वीकार कर लेता। उन्होंने भारी पुलिस बल, RAF और सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल उठाए।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर स्थित है। इस क्षेत्र के आसपास करीब एक किलोमीटर का इलाका ‘नो-प्रोटेस्ट जोन’ घोषित है, जहां किसी भी जुलूस या धरना-प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस की अनुमति अनिवार्य होती है। यहां हर समय BNS की धारा 163 लागू रहती है और उल्लंघन की स्थिति में पुलिस गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है।






