देहरादून, 30 मार्च 2026:
देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड भाषा संस्थान के साहित्य गौरव सम्मान समारोह 2025 का आयोजन हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के कई प्रमुख साहित्यकारों को सम्मानित किया और उनके योगदान की सराहना की।
समारोह में प्रदेश का सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान उत्तराखंड साहित्य भूषण डॉ. जितेन ठाकुर को दिया गया। वहीं डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय और अताए साबिर अफजल मंगलौरी को दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा अलग-अलग विधाओं में काम करने वाले साहित्यकारों और युवा कलमकार प्रतियोगिता के विजेताओं को भी मंच पर सम्मान मिला। साहित्य नारी वंदन सम्मान प्रो. दिवा भट्ट को दिया गया, जबकि उत्कृष्ट बाल साहित्य के लिए प्रो. दिनेश चमोला को सम्मानित किया गया।

मौलिक रचना श्रेणी में डॉ. भूपेंद्र बिष्ट, डॉ. सुधा जुगरान और शीशपाल गुसाई को पुरस्कार मिला। कुमाऊनी और गढ़वाली भाषा में योगदान देने वाले तारा पाठक, हेमंत सिंह बिष्ट और गजेंद्र नौटियाल को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान हमेशा से साहित्य और संस्कृति से जुड़ी रही है। उन्होंने सुमित्रानंदन पंत, गौरा पंत शिवानी, मोहन उप्रेती और शैलेश मटियानी जैसे साहित्यकारों का जिक्र करते हुए कहा कि इन लोगों ने राज्य को अलग पहचान दिलाई।
उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का आईना होता है और लेखक समाज को दिशा देने का काम करते हैं। आजादी की लड़ाई से लेकर उत्तराखंड राज्य बनने तक साहित्यकारों की भूमिका अहम रही है। सरकार राज्य में दो आधुनिक साहित्य ग्राम बनाने की योजना पर काम कर रही है। यहां लेखकों को लिखने-पढ़ने का माहौल और जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी।

सरकार स्थानीय भाषाओं और लोक साहित्य को बढ़ावा देने पर भी काम कर रही है। युवा लेखकों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रतियोगिताएं और किताबों के प्रकाशन के लिए मदद जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, खजान दास, विधायक सविता कपूर के साथ कई साहित्यकार मौजूद रहे।






