लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, 20 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश को डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में मजबूत बनाने की कोशिशों के बीच यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में बड़ा निवेश आने जा रहा है। बी.के. सेल्स कॉर्पोरेशन करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करेगा। इसके लिए यीडा प्रशासन ने कंपनी को पांच एकड़ जमीन आवंटन का पत्र सौंप दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक यह परियोजना उत्तर भारत की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। डेटा सेंटर दो आधुनिक भवनों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिस पर कुल क्षमता करीब 7000 सर्वर रैक की होगी। परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा और पूरी तरह चालू होने पर लगभग 100 पेशेवरों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है।
इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पूर्व छात्र करण गुप्ता कर रहे हैं। जमीन हस्तांतरण के बाद 18 महीने के भीतर व्यावसायिक संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि यह डेटा सेंटर तेजी से बढ़ रहे एआई सेक्टर को विशेष सपोर्ट देगा और क्लाउड सर्विस, डेटा स्टोरेज व डिजिटल सॉल्यूशन के लिए आधुनिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा। इससे स्टार्टअप, कारोबारी संस्थान और सरकारी एजेंसियों को भी फायदा मिलेगा।
सरकार की डेटा सेंटर नीति, निवेश के अनुकूल माहौल और सिंगल विंडो सिस्टम की वजह से बड़े निवेशक प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इस निवेश को प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
परियोजना में ऊर्जा दक्ष तकनीक, आधुनिक कूलिंग सिस्टम और नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल पर जोर रहेगा, जिससे बिजली खपत कम होगी और पर्यावरण पर असर भी घटेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नजदीकी और विकसित फाइबर नेटवर्क का भी इस प्रोजेक्ट को सीधा लाभ मिलेगा।
यमुना क्षेत्र में लगेगी सिम्प्लास्ट ग्रुप की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, 70 करोड़ का निवेश
नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इटली की वैश्विक कंपनी सिम्प्लास्ट ग्रुप ने यहां करीब 70 करोड़ रुपये के निवेश से नई विनिर्माण इकाई स्थापित करने का फैसला किया है। कंपनी को तीन एकड़ भूमि आवंटन के लिए एलओआई पत्र जारी किया गया है। यह यूनिट ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए उन्नत प्लास्टिक और रोटेशनल मोल्डिंग उत्पाद तैयार करेगी। परियोजना में करीब 50 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश शामिल है, जिससे प्रदेश में विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।
नई फैक्ट्री शुरू होने से कुशल, अर्द्धकुशल और अकुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन, परिवहन और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को भी अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
परियोजना के तहत यूरोपीय तकनीक का इस्तेमाल, आधुनिक उत्पादन प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को अपनाया जाएगा। स्थानीय युवाओं को वैश्विक स्तर के प्रशिक्षण भी दिए जाएंगे, जिससे क्षेत्र का औद्योगिक इकोसिस्टम मजबूत होगा और एमएसएमई इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के निवेश से यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र तेजी से वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है और मेक इन इंडिया अभियान को भी मजबूती मिल रही है।






