रामपुर, 23 मई 2026:
सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सरकार की अपील स्वीकार करते हुए उनकी सजा सात साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी है। इसके साथ ही उन पर लगाया गया 50 हजार रुपये का जुर्माना भी बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
वहीं, इस मामले में सह आरोपी और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की सजा यथावत रखी है। कोर्ट ने उनकी सात साल की सजा को बरकरार रख लेकिन जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी करते हुए 50 हजार रुपये से बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया। यह मामला दो पैन कार्ड बनवाने से जुड़ा है। इसमें आरोप था कि नियमों का उल्लंघन कर अलग-अलग पहचान के आधार पर पैन कार्ड हासिल किए गए।
इस प्रकरण में नवंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम दोनों को सात-सात साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद बचाव पक्ष ने सजा को चुनौती देते हुए ऊपरी अदालत में अपील दाखिल की थी। दूसरी ओर अभियोजन पक्ष ने सजा को कम बताते हुए उसे बढ़ाने की मांग की थी। दोनों पक्षों की लंबी बहस के बाद शनिवार को एमपी-एमएलए सेशन कोटे ने अपना फैसला सुनाया।
कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को मजबूत मानते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त सजा जरूरी है। फैसले के बाद आजम खान की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि इस फैसले का असर आने वाले समय में समाजवादी पार्टी की राजनीति पर भी पड़ सकता है।






