हरेंद्र धर दुबे
गोरखपुर, 12 मार्च 2026:
गोरखपुर का चिलुआताल आने वाले समय में पर्यटन के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में भी पहचान बनाएगा। यहां पानी की सतह पर 20 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना अंतिम चरण में है। इस परियोजना को कोल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से स्थापित किया जाएगा और इसकी अनुमानित लागत करीब 140 करोड़ रुपये होगी।
स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की नीति के तहत सरकार सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में चिलुआताल को सौर ऊर्जा उत्पादन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। पानी की सतह पर फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव इसी योजना का हिस्सा है।
परियोजना के अनुसार चिलुआताल में विशेष फाइबर आधारित संरचना पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जो पानी में लंबे समय तक सुरक्षित रह सकेंगे। इस प्लांट से हर साल करीब 38.54 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
कोल इंडिया लिमिटेड ने इस परियोजना के लिए 19 दिसंबर 2025 को ई-टेंडर जारी किया था। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 16 मार्च 2026 तय की गई है, जबकि 17 मार्च को सुबह 11 बजे टेंडर खोले जाएंगे। परियोजना की कंट्रोल यूनिट हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) की चहारदीवारी के पास स्थापित की जाएगी। डीएम दीपक मीणा के अनुसार चिलुआताल में फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थापना स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम होगा। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
पर्यटन स्थल बन चुका है चिलुआताल
गोरखपुर शहर के उत्तरी हिस्से में स्थित चिलुआताल पहले उपेक्षित अवस्था में था, लेकिन बीते वर्षों में यहां व्यापक विकास कार्य कराए गए हैं। घाट का सौंदर्यीकरण रामगढ़ताल की तर्ज पर कराया गया है। चिलुआताल के विकास और कायाकल्प पर करीब 20.39 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसके बाद यह स्थान अब शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो गया

