लखनऊ, 26 जनवरी 2026:
यूपी पुलिस के लिए गणतंत्र दिवस के अवसर पर गर्व का पल है। प्रदेश में आतंक का पर्याय बने पांच कुख्यात अपराधियों को मुठभेड़ों में ढेर करने वाले 18 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक (गैलेंट्री अवार्ड) से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। इनमें सबसे अधिक 12 पुलिसकर्मी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से हैं। उन्होंने जोखिम भरे अभियानों में असाधारण साहस और रणनीतिक दक्षता का परिचय दिया।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही को यह सम्मान पांचवीं बार दिया जा रहा है। ये अपने आप में एक दुर्लभ उपलब्धि है। बीते वर्ष 7 अगस्त को मथुरा में कुख्यात अपराधी पंकज यादव के साथ हुई मुठभेड़ में अहम भूमिका निभाने वाले एसटीएफ के एडिशनल एसपी राकेश, डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही, निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह और उप निरीक्षक यशवंत सिंह को वीरता पदक से नवाजा जाएगा।

इसी तरह 21 मार्च 2022 को वाराणसी में दो लाख रुपये के इनामी अपराधी मनीष सिंह उर्फ सोनू सिंह को मुठभेड़ में ढेर करने वाली एसटीएफ टीम के सदस्य एडिशनल एसपी विनोद कुमार सिंह, निरीक्षक अमित श्रीवास्तव, मुख्य आरक्षी बैजनाथ राम और मनोज कुमार सिंह को भी राष्ट्रपति वीरता पदक देने की घोषणा की गई है।
23 सितंबर 2024 को उन्नाव के अचलगंज क्षेत्र में कुख्यात अपराधी अनुज कुमार सिंह के खिलाफ सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली एसटीएफ टीम के निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, उप निरीक्षक सौरभ मिश्रा और मुख्य आरक्षी कवींद्र साहनी को भी इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
इसके अलावा 27 जून 2023 को कौशांबी में 1.25 लाख रुपये के इनामी अपराधी गुरफान को मुठभेड़ में ढेर करने वाले एसटीएफ के उप निरीक्षक अतुल चतुर्वेदी, प्रदीप कुमार सिंह और मुख्य आरक्षी सुशील कुमार सिंह को वीरता पदक मिला है।
इसके साथ ही सहारनपुर में 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी आबाद के साथ हुई पुलिस मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने वाले तत्कालीन डिप्टी एसपी रजनीश कुमार उपाध्याय, उप निरीक्षक जरार हुसैन (अब सेवानिवृत्त), सुनील सिंह और मुख्य आरक्षी कुणाल मलिक को भी राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान प्रदेश पुलिस के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतीक माना जा रहा है।






