10 महीने बाद भी नहीं मिली जॉइनिंग… लखनऊ में नर्स अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा, दो साल से कर रहे इंतजार
स्टाफ नर्स भर्ती 2023 में चयन के 10 महीने बाद भी जॉइनिंग नहीं मिलने से अभ्यर्थियों का सब्र टूट गया। लखनऊ में स्वास्थ्य महानिदेशालय के घेराव के साथ नर्सों ने सरकार से तत्काल नियुक्ति पत्र की मांग की
लखनऊ, 5 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज कई चयनित नर्स अभ्यर्थियों ने स्वास्थ्य महानिदेशालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। क्योंकि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की स्टाफ नर्स (एलोपैथी) 2023 भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को करीब 10 महीने बीत जाने के बावजूद अब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए हैं। इसीलिए अभ्यर्थी यह कदम उठाने पर मजबूर हुए। उनका कहना है कि चयन के बाद भी उन्हें जॉइनिंग नहीं दी जा रही, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
UPPSC ने स्टाफ नर्स भर्ती 2023 के लिए 21 अगस्त 2023 को विज्ञापन जारी किया था। इसके तहत प्रारंभिक परीक्षा 19 दिसंबर 2023 को आयोजित हुई, जिसका परिणाम 20 फरवरी 2024 को घोषित किया गया। इसके बाद 28 जुलाई 2024 को मुख्य परीक्षा हुई और उसका परिणाम 7 मार्च 2025 को जारी किया गया। मुख्य परीक्षा में 1276 महिला और 160 पुरुष अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था।

मुख्य परीक्षा के बाद 8 अप्रैल से 25 अप्रैल 2025 तक सभी सफल अभ्यर्थियों के मूल अभिलेखों का सत्यापन लोक सेवा आयोग द्वारा किया गया। इसके बाद 24 जून 2025 को आयोग ने 1183 महिला और 146 पुरुष अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए संस्तुति चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय, लखनऊ को भेज दी। निदेशालय ने भी 29 जुलाई 2025 को संबंधित विश्वविद्यालयों और संस्थानों को प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए पत्र जारी किए। अभ्यर्थियों के अनुसार अगस्त से नवंबर 2025 के बीच यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 23 नवंबर 2025 को मेडिकल कॉलेज का आवंटन भी कर दिया गया। thehohalla news
चयनित नर्सों का कहना है कि भर्ती विज्ञापन जारी हुए अब करीब 2 वर्ष 5 महीने हो चुके हैं, जबकि मुख्य परीक्षा के परिणाम आए भी 10 महीने बीत चुके हैं। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति पत्र जारी करने की कोई स्पष्ट तिथि घोषित नहीं की गई है। इसी मांग को लेकर आज अभ्यर्थियों ने महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग को ज्ञापन सौंपते हुए जॉइनिंग डेट जल्द घोषित करने की अपील की।
अभ्यर्थियों ने अपनी समस्या बताते हुआ कहा कि चयन होने के बावजूद वे न तो नौकरी जॉइन कर पा रहे हैं और न ही किसी अन्य करियर विकल्प पर फैसला ले पा रहे हैं। कई अभ्यर्थी आर्थिक और मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की पहले से भारी कमी है, इसके बावजूद चयनित नर्सों को जॉइनिंग नहीं दी जा रही। साथ ही अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन में और तेजी आ सकती है।






