सीतापुर, 2 जनवरी 2026:
इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के फत्तेपुर मातिनपुर गांव में पिता-पुत्र की नृशंस हत्या के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि पीड़ित परिवार को गांव छोड़ना पड़ा। सुरक्षा के डर से मृतक अख्तर खान का परिवार अपना घर-बार छोड़कर लखीमपुर खीरी के मितौली चला गया है। घटना के छह दिन बाद भी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और तनाव का माहौल बना हुआ है। हालांकि पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की लेकिन परिवार फिर भी आशंकित है। Even after arrests, the double murder failed to inspire confidence among the victim’s family, who ultimately left the village. UP News
यह सनसनीखेज वारदात 26 दिसंबर की रात हुई थी। फत्तेपुर मातिनपुर निवासी अख्तर खान (65) और उनके बेटे मैसर खान (40) एसडीएम कोर्ट से जमानत कराकर घर लौट रहे थे। गांव के पास पंचायत भवन के नजदीक अजयपाल उर्फ झगड़ू, उसका भाई उत्तम उर्फ तामू उर्फ रामू, सौरभ उर्फ नंगा, रणधीर, अभय और उनके रिश्तेदार शिवपूजन ने दोनों पर हमला कर दिया। गोली मारने के बाद मैसर को दौड़ाकर पकड़ लिया गया और पिता-पुत्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
घटना की तहरीर मृतक अख्तर के दामाद महफूज की ओर से दी गई थी, जिसके आधार पर इमलिया सुल्तानपुर थाने में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा थी। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि साल 2011 में उनके पिता और 2020 में उनके भाई की हत्या हुई थी, जिसका बदला लेने के लिए उन्होंने इस वारदात की साजिश रची।
पुलिस ने अजयपाल उर्फ झगड़ू, उत्तम उर्फ तामू उर्फ रामू, सौरभ उर्फ नंगा और शिवपूजन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से अवैध असलहे भी बरामद हुए। वहीं रणधीर और अभय अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। https://thehohalla.com/violent-cat-attacks-sleeping-infant-familys-nightmare/
एक ही गांव में अलग-अलग समुदाय के दो परिवारों के बीच चली आ रही इस रंजिश में चार लोगों की जान जा चुकी है। पहले एक परिवार उजड़ा और अब ताजा हत्याकांड के बाद अख्तर खान के घर में मातम पसरा है। मृतक अख्तर खान के परिवार में पत्नी फिरोजा और बेटे इशरत व वसीम हैं, जबकि मैसर खान के परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं।
परिजनों का कहना है कि गांव में उनकी करीब 15 बीघा कृषि भूमि है, लेकिन जान का खतरा देखते हुए फिलहाल पूरा परिवार मितौली स्थित दूसरे घर में शरण लेने को मजबूर है। इनका कहना है कि दूसरे पक्ष के लोग फिर हमला कर सकते हैं हमें अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी है। इसलिए जा रहे हैं सब कुछ सामान्य हो जाएगा तो सोचेंगे।






