पंकज
काकोरी (लखनऊ), 20 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में मोहान रोड स्थित एलडीए की बहुप्रचारित अनंत नगर आवासीय योजना को लेकर प्रभावित गांवों के किसानों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। अनंत नगर योजना में शामिल कई गांवों के किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (अवध) के बैनर तले एलडीए के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर मोर्चा खोल दिया।
क्षेत्र के प्यारेपुर, कालियाखेड़ा, अजितनखेड़ा, गोकुलखेड़ा, बेगमखेड़ा व आसपास के गांवों के किसान सोमवार को मौदा गांव में प्यारेपुर मोड़ के पास एकत्र हुए और एलडीए पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि अनंत नगर योजना के तहत अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे में मनमानी तरीके से भारी कटौती की गई है। इसके अलावा सैकड़ों फलदार और छायादार पेड़ों को काट दिया गया लेकिन उनका पूरा मुआवजा आज तक नहीं दिया गया।

किसानों ने यह भी मांग उठाई कि योजना के दायरे से कुएं, पूजास्थल, कब्रिस्तान और अन्य सार्वजनिक उपयोग के स्थानों को बाहर रखा जाए। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने स्थानीय किसानों के साथ हुई कथित अभद्रता के मामले में दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की।
धरने के दौरान मौके पर काकोरी इंस्पेक्टर सतीश राठौर और एसीपी काकोरी शकील अहमद पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। इस दौरान कल्लू रावत ने आरोप लगाया कि एलडीए किसानों के हक पर डाका डाल रहा है। काटी गई धनराशि तत्काल वापस की जानी चाहिए।
स्थिति को संभालने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे एलडीए के संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि बुधवार को एलडीए उपाध्यक्ष और डीएम के साथ किसानों की बैठक कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकाला जाएगा। किसानों का कहना है कि अब वे अपने हक के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।






