राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 5 मार्च 2026:
देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने आंगनबाड़ी केंद्रों को भेजे जाने वाले पोषाहार से जुड़ी विभिन्न सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सख्ती दिखाई है। डीएम ने रुड़की के मॉडी चौक स्थित सेंट्रल गोदाम पर छापा मारा।जांच के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बता दें कि इस गोदाम से गढ़वाल और कुमाऊं के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए खाद्य सामग्री भेजी जाती है। डीएम के साथ आये अफसरों के काफिले ने एक-एक चीज देखी। निरीक्षण में खजूर, केले के चिप्स और अन्य खाद्य सामग्री के पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी तिथियां संदिग्ध पाई गईं। कई पैकेटों पर मूल तारीखों की जगह स्टैंप लगाकर नई तारीखें दर्ज की गई थीं।

दिसंबर और जनवरी में आए अंडे और अन्य सामग्री मार्च में भेजी जा रही थी। अंडों की गुणवत्ता भी ठीक नहीं मिली। कुछ पैकेट ऐसे भी मिले जिन पर निर्माण या एक्सपायरी की तारीख दर्ज ही नहीं थी। गोदाम का संचालन भी तय मानकों के मुताबिक नहीं पाया गया। तापमान नियंत्रित रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी और स्टॉक से जुड़े रजिस्टर भी अपडेट नहीं थे। सप्लायर की ओर से गुणवत्ता से जुड़े जरूरी प्रमाणपत्र भी नहीं दिखाए गए।
निरीक्षण के दौरान गोदाम में बाल श्रमिक भी काम करते मिले। इस पर डीएम ने गोदाम मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। डीएम ने गोदाम से टिहरी, उत्तरकाशी और डोईवाला के लिए रवाना हो रहे वाहनों को भी रुकवाया और सामग्री के नमूने जांच के लिए लिए गए।
प्रशासन ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ एफएसएसएआई एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी के समय उप जिलाधिकारी सदर हरी गिरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार, तहसीलदार सुरेंद्र देव और कानूनगो संजय कुमार मौजूद रहे।






