लखनऊ, 1 जनवरी 2026:
नए साल के पहले दिन समाजवादी पार्टी के मुखिया एवं यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात की। नव वर्ष का स्वागत पारंपरिक बाटी-चोखा सहभोज के साथ किया गया जिसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं को दावत और शुभकामनाएं भी दीं। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने भाजपा और योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखे शब्दों में हमला बोला।
भाजपा के भीतर ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर घमासान पर अखिलेश ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि अभी तो ये विधायक सिर्फ बैठकर खाना खा रहे हैं। अगर कल यही विधायक सरकार के खिलाफ खड़े हो गए तो क्या होगा? सोचिए, अगर सरकार के अपने विधायक ही विरोध में आ जाएं, तो सरकार का क्या भविष्य बचेगा? अखिलेश के इस बयान को भाजपा के अंदर जातीय समीकरणों में खलबली पर टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।

सपा प्रमुख ने पार्टी के बाटी-चोखा आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह पार्टी की संस्कृति और आपसी सम्मान का प्रतीक है। हम साथ बैठकर खाते हैं। एक-दूसरे के प्रति आदर रखते हैं। यही हमारी संस्कृति है और यही समाजवादी सोच है। UP News
अखिलेश ने प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेले में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा न लगाए जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारियों ने नियमों में बदलाव किया है तो वे खुद अपने भगवानों की मूर्तियां वहां स्थापित करने को बाध्य होंगे। उन्होंने मांग रखी कि माघ मेले में पूजित केदारेश्वर मंदिर की स्थापना भी की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अधिकारी चापलूसी में लगे हैं और नियमों की मनमानी हो रही है।

इसके साथ ही अखिलेश ने यूपी में निकली कांस्टेबल भर्ती पर भी सवाल उठाए और अभ्यर्थियों की आयु सीमा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि सरकार की लापरवाही के चलते कई युवा ओवरएज हो गए हैं। अब वे चयन प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में सुधार की मांग की। https://thehohalla.com/atal-smriti-sammelan-reflections-on-leadership-and-service/
एसआईआर और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के आरोपों पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि जब मुख्यमंत्री खुद चार करोड़ वोट कटने की बात करते हैं तो यह प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने चुनाव आयोग और प्रशासन से पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की और कहा कि तकनीक के नाम पर हेराफेरी की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अंत में अखिलेश ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, राम मनोहर लोहिया और मुलायम सिंह यादव के आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराते हुए प्रदेशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।






