लखनऊ,1 जनवरी 2026:
साल 2026 उत्तर प्रदेश के लिए विकास और नई उम्मीदों का साल साबित होने जा रहा है। क्योंकि प्रदेश की योगी सरकार इस साल प्रदेशवासियों को ऐसी दस बड़ी सौगात देने की तैयारी में है, जो रोजगार, निवेश, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएंगी। ये सभी योजनाएं फिलहाल पाइपलाइन में हैं और इसी साल जमीन पर उतरने की पूरी तैयारी है। सरकार का दावा है कि इन कदमों से प्रदेश का आर्थिक विकास तेज होगा और आम लोगों का जीवन अधिक सुगम बनेगा।
युवाओं को मिलेगा रोजगार का बड़ा अवसर
इस साल प्रदेश के युवाओं को करीब डेढ़ लाख सरकारी नौकरियों की सौगात मिलने वाली है। पुलिस और शिक्षा विभाग में लगभग 50-50 हजार पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए जाएंगे। पुलिस विभाग में 30 हजार आरक्षी, 5 हजार सब इंस्पेक्टर और 15 हजार अन्य पदों पर भर्ती होगी। शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक से लेकर प्रधानाचार्य तक के पद शामिल होंगे। इसके अलावा राजस्व विभाग में करीब 20 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें लेखपालों की संख्या सबसे अधिक होगी। स्वास्थ्य, आवास विकास, कारागार, बाल विकास पुष्टाहार समेत अन्य विभागों में भी करीब 30 हजार पदों पर नियुक्तियां होंगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कुल भर्तियां डेढ़ लाख से अधिक होंगी।
जेवर में देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
दिल्ली से सटे जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ जल्द प्रस्तावित है। करीब 3300 एकड़ क्षेत्र में 7000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। शुरुआत में यहां एक रनवे चालू होगा, जबकि भविष्य में पांच रनवे विकसित किए जा सकेंगे। इसकी सालाना यात्री क्षमता एक करोड़ होगी और रोजाना औसतन 150 उड़ानों का संचालन संभव होगा।

गंगा एक्सप्रेसवे से बदलेगा प्रदेश का नक्शा
इसी साल गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे में एक नया अध्याय जुड़ेगा। लगभग 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ेगा और 12 जिलों व 518 गांवों से होकर गुजरेगा। 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी। इसके चालू होने से यात्रा समय घटेगा और औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

निवेश को जमीन पर उतारने की तैयारी
निवेश को धरातल पर उतारने के लिए योगी सरकार 2026 की शुरुआत में पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इसके जरिए पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाएं जमीन पर उतारी जा चुकी हैं, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार और नौकरी का अवसर मिला है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से बढ़ेगा निवेश
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के अलावा 2026 में एक और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कराने पर भी विचार किया जा रहा है। 2023 की समिट में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इस बार आयोजन को और बड़ा बनाने की योजना है। औद्योगिक विकास विभाग और इन्वेस्ट यूपी ने इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है और देश-विदेश में रोड शो आयोजित किए जाएंगे।

निवेश मित्र 3.0 से कारोबार को मिलेगी रफ्तार
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने के लिए प्रदेश का सिंगल विंडो सिस्टम निवेश मित्र 3.0 वर्ष 2026 में लॉन्च किया जाएगा। इसमें कई नए फीचर जोड़े जाएंगे, जिससे निवेश प्रक्रिया और आसान व पारदर्शी बनेगी और निवेशकों को तेजी से मंजूरी मिल सकेगी।
आयुष अस्पतालों में सर्जरी की सुविधा
सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता सुधारने के लिए योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। 2026 से प्रदेश के आयुष अस्पतालों में 53 तरह की छोटी-मोटी सर्जरी की सुविधा दी जाएगी। इससे एलोपैथ अस्पतालों पर दबाव कम होगा और मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

नशीली दवाओं की कालाबाजारी पर सख्ती
कोडिनयुक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार सख्त नियम लागू करेगी। इसके तहत थोक दवा प्रतिष्ठानों की जियो टैगिंग अनिवार्य होगी। भंडारण क्षमता, खरीद-बिक्री का पूरा विवरण फोटो और वीडियो के साथ रखना होगा। साथ ही टेक्निकल स्टाफ के अनुभव प्रमाण का सत्यापन ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा किया जाएगा।
साइबर ठगी रोकने के लिए कॉल सेंटर मजबूत
प्रदेश में बढ़ती साइबर ठगी पर अंकुश लगाने के लिए कॉल सेंटर की क्षमता दोगुनी की जाएगी। वर्तमान में डायल 112 और लखनऊ डीसीपी साउथ कार्यालय के कॉल सेंटर में तीन शिफ्ट में स्टाफ तैनात है। 2026 में इस व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि साइबर अपराध पर तेजी से कार्रवाई हो सके।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे फरवरी में होगा तैयार
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य फरवरी 2026 तक पूरा हो जाएगा। 63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे करीब 4700 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। इसके शुरू होने के बाद लखनऊ एयरपोर्ट से कानपुर का सफर मात्र 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जबकि अभी इसमें दो से तीन घंटे लगते हैं।






