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‘Gandhi Talks’ का टीजर हुआ रिलीज…खामोशी में गूंजेगी गांधी की बात, इस तारीख को आएगी फिल्म

साइलेंट फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ बिना संवाद के ही गांधी के आदर्श और भारतीय रुपये पर छपी उनकी तस्वीर के बीच विरोधाभास को दिखाते हुए दर्शकों को एक अलग सिनेमाई अनुभव देने वाली है

मनोरंजन डेस्क, 3 जनवरी 2026:

आजकल सिनेमाघरों में शोर, एक्शन और हिंसा से भरी फिल्मों का बोलबाला है, ऐसे दौर में विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी, अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ जाधव एक बिल्कुल अलग राह चुनी है। ये चारों कलाकार साइलेंट फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ के साथ बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रहे हैं। शनिवार को फिल्म का टीजर रिलीज किया गया, जिसने बिना एक भी संवाद बोले गहरी बात कह दी। साथ ही मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट का भी ऐलान किया है। यह फिल्म महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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टीजर में दिखी किरदारों की झलक

एक मिनट 17 सेकेंड के टीजर में चारों मुख्य किरदारों की झलक देखने को मिलती है। विजय सेतुपति हाथ में हंसिया पकड़े एक गंभीर रूप में नजर आते हैं, जबकि अदिति राव हैदरी पीले रंग के सूट में बालकनी से झांकती दिखाई देती हैं। अरविंद स्वामी और सिद्धार्थ जाधव के किरदार भी रहस्य और जिज्ञासा पैदा करते हैं। साइलेंट फिल्म होने के कारण टीजर में संगीत, भाव और दृश्य ही कहानी कहने का काम करते हैं। स्क्रीन पर लिखा संदेश, “उनकी खामोशी ने एक साम्राज्य को हिला दिया”, टीजर को और असरदार बना देता है।

क्या है फिल्म की कहानी ?

‘गांधी टॉक्स’ एक साइलेंट ब्लैक कॉमेडी फिल्म है, जिसे किशोर पी बेलेकर ने लिखा और निर्देशित किया है। फिल्म में संगीत ए आर रहमान ने दिया है। यह फिल्म 2023 में गोवा में हुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में दिखाई जाने वाली पहली साइलेंट फिल्म भी रही है। कहानी एक बेरोजगार युवा महादेव के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पैसे कमाने के लिए किसी भी तरह से नौकरी पाना चाहता है। इसी सफर में उसकी टक्कर एक बिजनेसमैन और एक छोटे चोर से होती है, जिससे हालात और रिश्तों में कई दिलचस्प मोड़ आते हैं।

खामोशी में दिखा विरोधाभास और गहरी सोच

फिल्म भारतीय रुपये पर छपी गांधी की तस्वीर और गांधी के आदर्शों के बीच के विरोधाभास को सामने रखती है। विजय सेतुपति ने पहले इस फिल्म को लेकर कहा था कि न्याय और सच्चाई हमेशा एक जैसे नहीं होते और यह फिल्म उसी अंतर को दिखाती है। उनके मुताबिक संवाद हों या न हों, खामोशी के जरिए भी गंभीर और असरदार बात कही जा सकती है। मेकर्स का दावा है कि ‘गांधी टॉक्स’ दर्शकों को एक अलग तरह का सिनेमाई अनुभव देने वाली है।

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