विजय पटेल
रायबरेली, 8 मार्च 2026:
वाराणसी से लखनऊ तक निकाली जा रही गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा रविवार को रायबरेली पहुंची। इस दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। यात्रा के रायबरेली पहुंचने पर उन्होंने माघ मेले में बटुकों के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए सरकार और दोनों डिप्टी सीएम से जवाब मांगा। यहां मीडिया से बातचीत के बाद वह उन्नाव के लिए रवाना हो गए।
शंकराचार्य ने कहा कि अगर डिप्टी सीएम को इस घटना से सच में पीड़ा थी तो अब तक बटुकों की चोटी खींचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उनका कहना था कि केवल बयान देने से बात नहीं बनेगी, सरकार को दोषियों के खिलाफ ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर पहले उठाए गए सवाल को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए 40 दिन का समय दिया गया था। इसमें 38 दिन बीत गए सिर दो दिन बचे हैं। खुद को हिंदू साबित करने वाले बयान का विश्लेषण 11 मार्च को किया जाएगा। इस विषय पर लखनऊ में विस्तार से चर्चा होगी।
शंकराचार्य ने कहा कि यह यात्रा गौ माता को सम्मान दिलाने और उनके संरक्षण के संकल्प के साथ निकाली जा रही है। उन्होंने मांग की कि गाय को सामान्य पशुओं की सूची से हटाकर गो माता की श्रेणी में रखा जाए और इसके संरक्षण के लिए ठोस कानून बनाया जाए।
उन्होंने बताया कि वाराणसी से शुरू हुई यह यात्रा कई जिलों से होते हुए 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी। लखनऊ में इसके समापन कार्यक्रम के दौरान गौ संरक्षण और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी।






