मनोरंजन डेस्क, 5 फरवरी 2026:
मशहूर अभिनेता मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले ही विवादों में फंस गई है। हाल ही में एक इवेंट के दौरान फिल्म का टीजर लॉन्च किया गया था, लेकिन इसके सामने आते ही फिल्म पर आपत्ति जताई जाने लगी। आरोप है कि फिल्म के नाम और कहानी में इस्तेमाल किए गए शब्द एक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। वहीं जानकारों का मानना है कि कई बार ऐसे विरोध महज पब्लिसिटी स्टंट के लिए भी किया जाता है।
मुंबई के वकील ने उठाए सवाल
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई के वकील आशुतोष दुबे ने फिल्म के मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा है। उनका कहना है कि पंडित जैसे सम्मान से जुड़े शब्द को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़कर दिखाना गलत है। उनके अनुसार यह केवल एक किरदार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे समुदाय की छवि प्रभावित होती है।
संस्कृति और पहचान को लेकर आपत्ति
नोटिस में कहा गया है कि पंडित शब्द भारतीय परंपरा में ज्ञान, नैतिकता और आध्यात्मिक अधिकार का प्रतीक माना जाता है। इसे अपराध और अनैतिक गतिविधियों से जोड़ना सामाजिक रूप से गैर जिम्मेदाराना कदम है। वकील ने यह भी कहा कि एक बड़ी ओटीटी कंपनी द्वारा इस तरह के कंटेंट को बढ़ावा देना चिंताजनक है।
नाम बदलने की मांग, जवाब का इंतजार
वकील का आरोप है कि फिल्म का नाम जानबूझकर सनसनी पैदा करने के लिए रखा गया है और इसमें सामाजिक संवेदनशीलता की अनदेखी की गई है। इसी वजह से उन्होंने फिल्म का नाम बदलने की मांग की है। फिलहाल इस पूरे मामले पर नेटफ्लिक्स या फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
टीजर में क्या है विवाद की जड़?
टीजर में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में दिखाई देते हैं, जिन्हें दिल्ली में पंडत के नाम से जाना जाता है। फिल्म में उन्हें एक बदनाम पुलिस अधिकारी के रूप में पेश किया गया है। टीजर के अनुसार अजय दीक्षित की भर्ती करीब 20 साल पहले एसआई के रूप में हुई थी, लेकिन उनके विवादित कारनामों के कारण उन्हें कई बार डिमोशन झेलना पड़ा।






