लखनऊ, 20 फरवरी 2026:
पूर्वांचल को जल्द ही एक बड़ा खेल तोहफा मिलने जा रहा है। गोरखपुर में प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड 60 करोड़ रुपये का सहयोग देगा। इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार और इंडियन ऑयल के बीच लखनऊ में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह स्टेडियम सिर्फ खेल का मैदान नहीं होगा, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का जरिया बनेगा। उनके मुताबिक इस परियोजना से खेल पर्यटन बढ़ेगा, निवेश आएगा और इलाके में आर्थिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिलेगी।
उन्होंने इंडियन ऑयल के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का यह मॉडल प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। स्टेडियम निर्माण में कंपनी द्वारा सीएसआर के तहत दिया जा रहा योगदान सराहनीय है। उन्होंने बताया कि वाराणसी में भी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार का कहना है कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है, जबकि मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
करीब 392.94 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 30 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसे पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक तैयार किया जाएगा। यहां आधुनिक पिच, प्रैक्टिस एरिया, फ्लडलाइट, ड्रेसिंग रूम, मीडिया सेंटर और हाई-टेक स्पोर्ट्स सुविधाएं होंगी, जिससे बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित किए जा सकेंगे। साथ ही यह युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट का अहम केंद्र बनेगा।
इंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर साहनी ने इस समझौते को कंपनी के लिए गर्व की बात बताते हुए कहा कि समूह उत्तर प्रदेश के विकास कार्यों में आगे भी सहयोग करता रहेगा। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री गिरीश चन्द्र यादव भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश तेजी से स्पोर्ट्स पावर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और गोरखपुर का यह स्टेडियम उसी कड़ी की बड़ी उपलब्धि साबित होगा।






