प्रयागराज, 25 जनवरी 2026:
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच चल रहे विवाद के बीच शनिवार रात उनके शिविर में हंगामा हो गया। कुछ युवक भगवा झंडे लेकर शिविर के अंदर घुसने की कोशिश करने लगे और नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। मामले में शिविर प्रभारी ने थाने में तहरीर दी है और शिविर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
कट्टर सनातनी सेना के युवकों पर आरोप
जानकारी के मुताबिक कट्टर सनातनी सेना नाम के संगठन से जुड़े 8 से 10 युवक रात में शिविर के पास पहुंचे। उनके हाथों में भगवा झंडे थे और वे नारे लगा रहे थे। आरोप है कि युवक जबरन अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, जिस पर वहां मौजूद शिष्यों और सेवकों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। करीब 15 मिनट तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। संगठन का प्रमुख सचिन सिंह बताया जा रहा है।

शिविर के रास्ते किए गए बंद
हंगामे के बाद शंकराचार्य के शिष्यों ने शिविर को चारों तरफ से ढंक दिया और अंदर जाने के रास्तों को ब्लॉक कर दिया। शिविर में मौजूद लोगों का कहना है कि किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए यह कदम उठाया गया।
थाने में दी गई शिकायत
शिविर प्रभारी की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व लाठी-डंडे और झंडे लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि वे जबरन शिविर में घुसकर मारपीट पर उतारू थे। सेवकों ने समझाकर उन्हें बाहर किया, लेकिन हालात काफी गंभीर हो गए थे और बड़ी घटना हो सकती थी। शिकायत में शंकराचार्य की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग भी की गई है।
शंकराचार्य ने दी तीखी प्रतिक्रिया
घटना को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन पर हमला इसलिए किया गया, क्योंकि वे गो-रक्षा की बात कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी दबाव में पीछे हटने वाले नहीं हैं और जितना परेशान किया जाएगा, उतनी मजबूती से आगे बढ़ेंगे।






