
पटना, 27 जुलाई 2025
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले ही राज्य में राजनीति के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे है। इसी कड़ी में अपने विवाद के चलते पार्टी और परिवार से बेदखल हो चुके बिहार के पूर्व मंत्री और राजद से निष्कासित नेता तेज प्रताप ने हाल ही में राज्य की राजनीति में एक और धमाका किया है।
तेज प्रताप ने ऐलान किया है कि वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ेंगे। बिहार की राजधानी पटना में शनिवार (26 जुलाई) को मीडिया से बात करते हुए तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव महुआ से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ेंगे। उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की कि इस बार नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा कि अगर अगली सरकार युवाओं, रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करेगी, तो तेज प्रताप यादव उसका पूरा समर्थन करेंगे।
इस बीच, यह ज्ञात है कि तेज प्रताप यादव को उनके पिता, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने उनके गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण राजद से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। पार्टी से निलंबित होने के अलावा, लालू प्रसाद यादव ने एक सनसनीखेज बयान दिया था कि उनके परिवार का तेज प्रताप यादव से कोई संबंध नहीं है। पार्टी से निकाले जाने के बाद, तेज प्रताप ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया।
इसी कड़ी में उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में महुआ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। महुआ विधानसभा सीट राजद का गढ़ है। 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में तेज प्रताप ने राजद उम्मीदवार के तौर पर महुआ से चुनाव लड़ा था और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के उम्मीदवार रवींद्र राय को हराया था।
वर्तमान में, महुआ विधानसभा सीट से राजद नेता मुकेश कुमार रौशन प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। तेज प्रताप द्वारा हाल ही में महुआ से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार महुआ विधानसभा चुनाव बिहार की राजनीति में आकर्षण का केंद्र होगा। देखना यह है कि तेज प्रताप आखिर तक अपने इस रुख पर कायम रहते हैं या अंत में परिवार के मनाने पर चुनावी दौड़ से हट जाते हैं।






