हरदोई, 4 जनवरी 2026:
गांव में चकबंदी करने आये अफसरों की करतूत उन्हीं पर भारी पड़ गई। एक युवक का पुश्तैनी खेत कागजों में काटकर दूसरे को दे दिया। युवक ने गुहार लगाई तो 50 हजार मांगे गए। यही नहीं कदम-कदम पर अपमानित कर पिटाई भी की गई। कोई रास्ता न सूझने पर युवक ने वीडियो बनाकर सुसाइड कर लिया। अब पिता ने सबूतों के साथ पुलिस से मदद मांगी तो उपसंचालक चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी, कानूनगो समेत आठ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है।
ये घटना शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव की है। मृतक राजकुमार उर्फ राजू के पिता कल्लू का आरोप है कि चकबंदी के दौरान उनके पुश्तैनी खेत के साथ गलत किया गया। खेत में उनके पूर्वजों की समाधि बनी हुई थी, इसके बावजूद अधिकारियों ने नियमों को दरकिनार कर खेत का स्वरूप बदल दिया। आरोप है कि खेत को यथावत रखने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। रिश्वत न देने पर अधिकारियों ने मिलीभगत कर खेत गांव के ही तेजराम के नाम कर दिया। thehohalla news
इस फैसले का मृतक राज कुमार उर्फ राजू लगातार विरोध कर रहा था। परिजनों के अनुसार 19 दिसंबर को तेजराम, रामकृष्ण, पप्पू, विश्वनाथ और रामवीर ने मिलकर राजू की पिटाई की और उसे सबके सामने अपमानित किया। इस घटना के बाद से वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा। लगातार दबाव और प्रताड़ना से टूट चुके राजू ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाया, जो बाद में सामने आया। अगले दिन 20 दिसंबर की सुबह उसने गांव के बाहर खेत में फंदा लगाकर जान दे दी।
घटना के बाद मृतक के पिता की तहरीर और वीडियो साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया। पुलिस के अनुसार उपसंचालक चकबंदी ज्ञानेश त्रिपाठी, बंदोबस्त अधिकारी पीसी उत्तम, कानूनगो वीरपाल और गांव के पांच अन्य लोगों समेत आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच कर गवाहों के बयान जुटाए जा रहे हैं।






