लखनऊ, 25 जनवरी 2026:
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र तेजी से देश के बड़े औद्योगिक केंद्र के तौर पर उभर रहा है। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थ सेक्टर में निवेश को रफ्तार देने के लिए प्राधिकरण ने 2025-26 में 65 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को भूखंड आवंटित किए हैं। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से हजारों करोड़ का निवेश आएगा और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा। बीते रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यीडा क्षेत्र में कई कंपनियों को उद्योगों और एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि आवंटन पत्र भी सौंपे थे।
यीडा की योजनाओं से बढ़ रहा निवेश, रोजगार भी मिलेगा
प्राधिकरण के मुताबिक औद्योगिक योजना के तहत 28 इकाइयों को 2.32 लाख वर्गमीटर भूमि दी गई है। इन इकाइयों में करीब 1332 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है और 8783 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई है। वहीं ई-ऑक्शन योजना के जरिए 37 औद्योगिक इकाइयों को करीब एक लाख वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है। इनसे 500 करोड़ रुपये का निवेश और 4800 रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
इसके अलावा इनवेस्ट यूपी और शासन के विभागों से जारी एलओसी के माध्यम से 9 औद्योगिक इकाइयों को 18.77 लाख वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है। इन परियोजनाओं से करीब 21,128 करोड़ रुपये के निवेश और 18,044 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनने की संभावना बताई गई है।
चार बड़ी परियोजनाओं को जमीन का आवंटन
मुख्यमंत्री ने रविवार को चार प्रमुख परियोजनाओं को भूमि आवंटन पत्र सौंपे। इनमें इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड को 48 एकड़ भूमि, एसेंट सर्किट प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-10 के इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 16 एकड़ भूमि, अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को सेक्टर-08 में 100 एकड़ भूमि शामिल है। इन तीन परियोजनाओं में 10,500 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश का प्रस्ताव है। सरकार के मुताबिक इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है और सेमीकंडक्टर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की नई इकाइयां तैयार होंगी।
मेडिकल कॉलेज के लिए भी जमीन, स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा सहारा
यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में उद्योगों के साथ-साथ स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाया गया है। बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को सेक्टर-17ए में 20.50 एकड़ भूमि मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए आवंटित की गई है। इस परियोजना में 532.18 करोड़ रुपये निवेश किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी आवंटित परियोजनाओं को तय समय में जमीन पर उतारा जाए, ताकि निवेश के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार भी समय पर मिल सके।






