Sitapur City

दरोगा जी ‘डिजिटल अरेस्ट’… CBI अफसर बनकर देशद्रोह में फंसाने की धमकी, 15 लाख ऐंठे

फोन और व्हाट्सऐप कॉल से पैदा किया खौफ, RTGS ट्रांजैक्शन, साइबर थाना की कार्रवाई में करीब 95 हजार रुपये होल्ड

सीतापुर, 11 मार्च 2026:

सीतापुर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) में तैनात एक उपनिरीक्षक से खुद को केंद्रीय जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लाखों की ठगी की गई। जालसाजों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खौफ दिखाकर करीब 15 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले में साइबर थाना सीतापुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

घटना पीटीसी सीतापुर में तैनात उपनिरीक्षक नारायण सिंह के साथ हुई। उन्हीं के मुताबिक 20 फरवरी को करीब 12 बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली मुख्यालय से CBI का वरिष्ठ इंस्पेक्टर बताया। उसने कहा कि जम्मू-कश्मीर में उनके नाम से दर्ज एक मामले में आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर आईसीआईसीआई बैंक में खाता खोला गया है, जिसका एटीएम पाकिस्तान के एक व्यक्ति के पास मिला है।

आरोपियों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग और देशद्रोह जैसे मामलों में फंसाने की बात कहकर डराया। व्हाट्सऐप पर कथित बैंक डिटेल, एटीएम कार्ड की फोटो और सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय से गिरफ्तारी वारंट जैसी फर्जी दस्तावेज भी भेजे गए। इसके बाद वीडियो कॉल पर रखकर लगातार दबाव बनाया गया।

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने परिवार और संपत्ति की जानकारी मांगी और गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर जमानत राशि जमा कराने को कहा। दबाव में आकर 23 फरवरी को 10 लाख रुपये यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर करा लिए गए। अगले दिन 24 फरवरी को फिर 5 लाख रुपये एक अन्य खाते में भेजने के लिए कहा गया।

आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि 25 फरवरी की सुबह आधी रकम वापस कर दी जाएगी, लेकिन तय समय तक पैसा वापस नहीं आया। इसके बाद उपनिरीक्षक को ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत साइबर सेल ग्रेटर नोएडा में शिकायत की। वहां से मामला साइबर थाना सीतापुर ट्रांसफर कर दिया गया।

साइबर थाना सीतापुर ने कार्रवाई करते हुए करीब 95 हजार रुपये की रकम होल्ड करवा दी है और संबंधित बैंकों से खाते की डिटेल भी मांगी गई है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच निरीक्षक कृष्णानंदन तिवारी को सौंपी गई है। फिलहाल पीड़ित दरोगा को ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों से अभी भी फोन कर परेशान किया जा रहा है।

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