लखनऊ, 15 मई 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार ने कासगंज के पौराणिक सोरों शूकरक्षेत्र को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को 22.22 करोड़ रुपये की तीन अहम पर्यटन परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के जरिए सोरों की धार्मिक विरासत को संवारने के साथ दरियावगंज झील को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा।
जयवीर सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर लगातार काम कर रही है। उनका कहना था कि सरकार प्रदेश की आस्था, विरासत और प्राकृतिक संपदाओं को नई पहचान देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से निवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों ने नई गति पकड़ी है और अब प्रदेश के छोटे शहर भी पर्यटन के जरिए नई पहचान बना रहे हैं। कासगंज में धार्मिक, सांस्कृतिक और इको-टूरिज्म की संभावनाओं को देखते हुए सरकार यहां व्यापक विकास कार्य करा रही है।
उन्होंने कहा कि सोरों जैसे प्राचीन तीर्थस्थलों का विकास केवल श्रद्धालुओं की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। दरियावगंज झील के विकास से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए मौके बनेंगे।

कासगंज में जिन तीन परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ, उनमें सोरों के पवित्र कुंड स्थित घाट के अग्रभाग, छतों, प्रकाश व्यवस्था, तोरण द्वार और फसाड लाइटिंग पर लगभग 15.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दरियावगंज झील को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए 3.52 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा सोरों शूकरक्षेत्र के प्रमुख संपर्क मार्गों पर साइनेज लगाने के लिए करीब 3.58 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पर्यटन मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बराह मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद प्रदेश के पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना है।
बता दें कि जयवीर सिंह इन दिनों क्षेत्रीय दौरे पर हैं। गुरुवार को उन्होंने बरेली और बदायूं में 52 करोड़ रुपये से अधिक की पर्यटन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। शनिवार को उनका कार्यक्रम मैनपुरी और रविवार को फिरोजाबाद में प्रस्तावित है।






