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जहां औरंगजेब भी नहीं हिला पाया था शिवलिंग… CCTV की निगरानी में होगा जलाभिषेक, जानिए इस मंदिर का इतिहास

उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ की सीमा पर सई नदी तट स्थित भंवरेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालुओं के जलाभिषेक को लेकर भव्य तैयारियां और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है

एमएम खान

मोहनलालगंज (लखनऊ), 14 फरवरी,2026:

महाशिवरात्रि को लेकर सभी शिवालयों में साफ सफाई और सजावट का काम पूरा कर लिया गया है। इसी क्रम में तीन जिलों उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ की सीमा पर सई नदी के तट पर स्थित भंवरेश्वर महादेव मंदिर में विशेष तैयारियां की गई हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर और आने जाने वाले मार्गों का निरीक्षण किया, ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

द्वापर युग से जुड़ा इतिहास और औरंगजेब की कथा

भंवरेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास द्वापर युग से जुड़ा माना जाता है। मान्यता है कि पांडव अपने अज्ञातवास के दौरान यहां आए थे। कहा जाता है कि मुगल शासक औरंगजेब ने इस मंदिर को खजाने का तहखाना समझकर खुदाई का आदेश दिया था, लेकिन शिवलिंग का निचला सिरा नहीं मिला। भक्तों की मान्यता है कि खुदाई के दौरान शिवलिंग से बड़े काले भंवरे निकले और मुगल सैनिकों पर टूट पड़े। तभी से इस शिवलिंग का नाम भीमेश्वर से बदलकर भंवरेश्वर पड़ गया।

एक ही परिसर में कई देवी देवताओं के दर्शन

मंदिर परिसर में शिवलिंग के साथ हनुमान मंदिर, दुर्गा मंदिर और राधा कृष्ण मंदिर भी स्थित हैं। यहां प्रत्येक सोमवार को मेला लगता है, जबकि सावन के सोमवार पर दूर दराज से श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर का निर्माण प्राचीन कारीगरों की कला का सुंदर उदाहरण है, जो आज भी लोगों को आकर्षित करता है।

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शुभ मुहूर्त और पूजा का समय

मंदिर की देखरेख कर रहे पुजारी सुनील गोस्वामी के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 5 बजकर 4 मिनट से प्रारंभ होगी और 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी। इस दौरान भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए दिनभर कई शुभ मुहूर्त रहेंगे, जिनमें श्रद्धालु पूजा अर्चना कर सकेंगे।

तीन जिलों की पुलिस तैनात, सीसीटीवी कैमरे से निगरानी

महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ की पुलिस बल मुस्तैद रहेगी। सई नदी में एसडीआरएफ की टीम भी तैनात रहेगी। मंदिर के मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है और श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से प्रवेश दिया जाएगा। सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि पूरी व्यवस्था तीसरी आंख की निगरानी में रहे।

एसओ निगोहां अनुज कुमार तिवारी ने बताया कि उनकी टीम सिदौली मोड़ से लेकर मंदिर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर तैनात रहेगी। सभी पुलिस कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है, जिससे महाशिवरात्रि का पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।

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