विजय पटेल
रायबरेली, 30 नवंबर 2025:
रायबरेली जिले में चयन वेतनमान (सेलेक्शन ग्रेड) और मिड-डे-मील (एमडीएम) की परिवर्तन लागत न मिलने से शिक्षकों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। समस्याओं के समाधान में हो रही देरी को लेकर जूनियर शिक्षक संघ ने 9 दिसंबर से जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना देने का एलान किया है।
संघ के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने बताया कि जूनियर हाईस्कूलों में स्पेशल भर्ती के तहत नियुक्त गणित और विज्ञान शिक्षक अपने 10 वर्ष की सेवा सितंबर में ही पूरी कर चुके हैं। नियम के अनुसार 10 साल की बेदाग सेवा पूरी होने पर चयन वेतनमान दिया जाना चाहिए। 450 से अधिक शिक्षकों की फाइलें खंड शिक्षा कार्यालय से होकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय तक पहुंच चुकी हैं। पटल सहायक स्तर पर परीक्षण भी पूरा हो चुका है, केवल अंतिम स्वीकृति BSA की तरफ से दी जानी बाकी है। लगभग सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी BSA की अंतिम मुहर नहीं लगाई जा रही है। हम लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
जिला संरक्षक समर बहादुर सिंह ने बताया कि जिले के कई विद्यालयों में प्रधानाध्यापक अपने निजी खर्च से मिड-डे मील बनवा रहे हैं। महीनों से एमडीएम की परिवर्तन लागत उनके खातों में नहीं भेजी जा रही है, या फिर नामांकित छात्रों के मुकाबले बहुत कम भेजी जा रही है। बजट न होने के कारण स्कूलों में भोजन बनवाना मुश्किल हो गया है। कुछ विद्यालयों में छात्र संख्या से ज्यादा पैसा भेज दिया गया है, तो कई को महीनों से एक भी पैसा नहीं मिला। यह सबसे बड़ी समस्या बन गई है।
जिला महामंत्री सियाराम सोनकर ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में चयन वेतनमान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई और एमडीएम लागत का मुद्दा नहीं सुलझा, तो 9 दिसंबर से शिक्षक संघ BSA कार्यालय के सामने विद्यालय समय के बाद अनिश्चितकालीन धरना देगा।






