एंटरटेनमेंट डेस्क, 3 जून 2026:
26/11 की वो रात जब मुंबई गोलियों की आवाज से कांप रही थी। ताज होटल जल रहा था, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) रेलवे स्टेशन खून से सना हुआ था और हर तरफ लोगों को चीखें, डर और मौत का साया था। लेकिन उस वक्त कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने घायलों की जानें बचाने का बीड़ा उठाया। उनके हाथों में बंदूक नहीं थी फिर भी उन्होंने सैकड़ों लोगों की जिंदगी बचा ली। अब उन्हीं गुमनाम नायकों की कहानी लेकर आ रही है कंगना रनौत की फिल्म भारत भाग्य विधाता। जिसका ट्रेलर लॉन्च हो चुका है।
आतंकवादी हमला और प्रोटोकॉल
करीब 2 मिनट 25 सेकंड के इस ट्रेलर की शुरुआत 2008 के मुंबई आतंकी हमले से होती है। कहानी एक अस्पताल की है जहां नर्सें मरीजों की देखभाल में लगी हुई हैं लेकिन कहानी में मोड़ तब आता है जब सीएसएमटी स्टेशन पर हुए आतंकी हमले की खबर अस्पताल तक पहुंचती है। अचानक घायल और डरे हुए लोगों की भीड़ अस्पताल में आने लगती है। खून से लथपथ लोग, रोते बच्चे और चीखते परिवार, अस्पताल का हर कोना डर से भर जाता है। हालात इतने खराब हो जाते हैं कि अस्पताल, प्रशासन नियम और प्रोटोकॉल की बात करने लगता है लेकिन कंगना का किरदार सवाल उठाता है कि क्या आतंकवादी हमले के बीच भी सिर्फ नियम देखे जाएंगे या इंसानियत को बचाया जाएगा।
दिल दहला देने वाले सीन्स
अस्पताल में नवजात बच्चे हैं, गर्भवती महिलाएं हैं और ऐसे मरीज हैं जो खुद चल भी नहीं सकते तभी आतंकी अस्पताल में घुस आते हैं और अस्पताल की बिजली चली जाती है। चारों तरफ अंधेरा फैल जाता है लेकिन अस्पताल का स्टाफ पीछे हटने के बजाय मरीजों को बचाने में जुट जाता है। कोई बच्चों को छुपा रहा है, कोई घायलों को सुरक्षित जगह पहुंचा रहा है और कोई अंधेरे में भी इलाज जारी रखने की कोशिश कर रहा है। यही वो पल हैं जहां फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं लगती बल्कि इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बन जाती है।
कंगना रनौत के किरदार में हैं कई शेड्स
कंगना रनौत एक बार फिर अपने दमदार अभिनय से प्रभावित करती नजर आ रही हैं। वो अस्पताल की एक नर्स की भूमिका में हैं। उनके चेहरे पर गुस्सा, डर, दर्द और साहस, साफ दिखाई देता है। बताया जा रहा है कि कंगना ने इस किरदार को सिर्फ निभाया नहीं बल्कि पूरी तरह जिया है। लंबे समय बाद कंगना एक ऐसे रोल में दिख रही हैं जहां सिर्फ डायलॉग नहीं बल्कि आंखें भी अभिनय करती नजर आती हैं। लेकिन यहां सिर्फ सेवा नहीं दर्द भी है। अपने परिवार की अनदेखी, काम का दबाव और सम्मान की कमी, कंगना रनौत का किरदार इसी पीड़ा को महसूस करते हुए कहता है जब अपना परिवार ही इज्जत नहीं करता तो बाहर वालों से क्या उम्मीद करें।
जिन्हें कभी याद नहीं किया उनको श्रद्धांजलि
समीक्षकों का कहना है कि फिल्म की सबसे खास बात ये है कि ये 26/11 की उस अनकही कहानी को सामने लाती है जिसके बारे में बहुत कम बात हुई। उन नर्सों, वार्ड बॉय, सिक्योरिटी स्टाफ और लिफ्ट ऑपरेटर्स को शायद कभी याद नहीं किया जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए कई लोगों की मदद की थी। यही वजह है कि भारत भाग्य विधाता सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि उन असली हीरोज को श्रद्धांजलि लगती है जिन्होंने इंसानियत को जिंदा रखा।
मनोज तापड़िया द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। कंगना रनौत के अलावा फिल्म में गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, प्रिया बेर्डे, अमृता नामदेव और कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। बताया जा रहा है कि ये फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं करेगी बल्कि लोगों को भावुक भी कर देगी और शायद 26/11 के उन गुमनाम चेहरों को वो सम्मान भी दिलाएगी जिसके वो असली हकदार हैं।






