सीतापुर, 14 मार्च 2026:
जिले में रसोई गैस की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन ने केरोसिन वितरण की तैयारी शुरू कर दी है। शासन की ओर से सीतापुर जिले को लगभग एक लाख लीटर मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके वितरण को लेकर प्रशासन रणनीति को फाइनल टच देने में जुटा है।
गैस संकट के बीच फिलहाल जिला पूर्ति विभाग ने केरोसिन वितरण की योजना बनाई है, लेकिन नगर और तहसील मुख्यालयों के पुराने डिपो संचालकों ने वितरण करने से मना कर दिया है। ऐसे में प्रशासन ने रणनीति बदलते हुए ब्लॉक मुख्यालयों पर टैंकर खड़ा कराकर केरोसिन वितरण कराने का निर्णय लिया है। वहां से सस्ते गल्ले के दुकानदार केरोसिन लेकर अपने-अपने गांवों में पहुंचाएंगे।
करीब चार वर्ष पहले केरोसिन का वितरण बंद कर दिया गया था। इसके बाद नगर सहित तहसील मुख्यालयों पर चल रहे करीब 12 केरोसिन डिपो बंद हो गए थे। समय के साथ संचालकों ने इन स्थानों पर अन्य व्यवसाय शुरू कर दिए। अब रसोई गैस की किल्लत को देखते हुए शासन ने फिर से केरोसिन वितरण की योजना लागू करने का निर्णय लिया है। जिला पूर्ति कार्यालय ने डिपो संचालकों से बातचीत की, लेकिन सभी ने डिपो बंद होने का हवाला देते हुए वितरण से हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक केरोसिन पहुंचाया जा सके।
जिला पूर्ति विभाग का कहना है कि केरोसिन वितरण को लेकर अभी शासन की ओर से मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं हुई है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के आधार पर व्यवस्था बनाई जा रही है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इस बीच गैस एजेंसियों पर सिलेंडर लेने वालों की लंबी कतारें देखी गईं। सीतापुर नगर के साथ ही महमूदाबाद, बिसवां, महोली और लहरपुर क्षेत्र की गैस एजेंसियों पर लोगों को सिलेंडर के लिए इंतजार करना पड़ा। हालांकि कुछ एजेंसियों ने होम डिलीवरी जारी रखी, लेकिन व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित रही।






