Lucknow City

KGMU के इस फरार रेजिडेंट डॉक्टर का सुराग दीजिए… लखनऊ पुलिस ने रखा इनाम 25 हजार

केजीएमयू की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर का यौन शोषण, धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ कोर्ट से जारी है गैरजमानती वारंट, तलाश में जुटीं पुलिस की तीन टीमें

लखनऊ, 3 जनवरी 2026:

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के एक रेजिडेंट डॉक्टर पर लगे गंभीर आरोपों ने राजधानी में हड़कंप मचा दिया है। यौन शोषण और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने के आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ अदालत से गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। तमाम प्रयासों के बावजूद आरोपी का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है।

लखनऊ के डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया गया। इसके आधार पर अदालत ने रमीज मलिक के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया। अब उसकी गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले को 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। पुलिस की तीन विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं लेकिन आरोपी मोबाइल बंद कर भूमिगत हो गया है।

पुलिस के मुताबिक एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही रमीज फरार है। उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ है। इससे लोकेशन ट्रेस करने में दिक्कत आ रही है। हाल ही में पुलिस ने उत्तराखंड के खटीमा स्थित उसके घर पर भी दबिश दी लेकिन वहां भी वह नहीं मिला। परिजनों से पूछताछ कर संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई है। इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय के मुताबिक यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आरोपी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

इस मामले की पृष्ठभूमि भी बेहद गंभीर है। केजीएमयू की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने संस्थान में कार्यरत अपने सीनियर सहकर्मी डॉ. रमीज मलिक पर यौन शोषण और धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार अगस्त में आरोपी उनके किराये के कमरे पर पहुंचा और शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया। सितंबर में गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर आरोपी ने इसे नकारते हुए दवाओं के जरिए गर्भपात कराया।

पीड़िता का कहना है कि बाद में उसे पता चला कि रमीज पहले से शादीशुदा है। उसने एक हिंदू युवती का धर्म परिवर्तन कराकर विवाह किया था। इसके बाद उसने पीड़िता पर भी धर्मांतरण का दबाव बनाया। विरोध करने पर ब्लैकमेल करने लगा। मानसिक प्रताड़ना से टूटकर पीड़िता ने 17 दिसंबर की सुबह दवाओं की ओवरडोज लेकर आत्महत्या का प्रयास भी किया।

इस पूरे मामले ने चिकित्सा संस्थानों में कार्यस्थल सुरक्षा, भरोसे और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में लाया जाएगा। वहीं पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए जांच तेज कर दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button