लखनऊ, 25 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में दिल के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) ने ट्रॉमा सेंटर के साथ-साथ लारी कार्डियोलॉजी विभाग की इमरजेंसी में भी पहले 24 घंटे तक निशुल्क इलाज की सुविधा देने का फैसला किया है। यह व्यवस्था अगले सप्ताह से लागू कर दी जाएगी।
केजीएमयू का लारी कार्डियोलॉजी विभाग उत्तर भारत का सबसे बड़ा हृदय रोग उपचार केंद्र माना जाता है। यहां रोजाना करीब 400 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। लगभग 100 मरीज इमरजेंसी सेवाओं का लाभ लेते हैं। गंभीर हालत में आने वाले इन मरीजों के लिए शुरुआती 24 घंटे बेहद अहम होते हैं जिनमें अधिकतर जरूरी जांचें और उपचार तय किए जाते हैं।
केजीएमयू प्रशासन ने ट्रॉमा सेंटर में निशुल्क दवाएं और जांच की सुविधा देने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। फिलहाल इसका पूर्वाभ्यास (ड्राई रन) किया जा रहा है जिससे किसी तरह की तकनीकी या व्यवस्थागत दिक्कत न आए। इसके साथ ही कार्डियोलॉजी विभाग में भी इसी तरह की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए आवश्यक खर्च और संसाधनों का आकलन किया जा रहा है। ट्रॉमा सेंटर में आने वाले लगभग 99 प्रतिशत मरीजों को एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और पैथोलॉजी जांच की जरूरत पड़ती है। अब तक इन जांचों का खर्च मरीजों और उनके परिजनों को उठाना पड़ता था।
लखनऊ में एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में पहले से ही शुरुआती 24 घंटे का इलाज निशुल्क है। केजीएमयू में अब तक यह सुविधा नहीं थी। ऐसे में इस फैसले से तीनों प्रमुख सरकारी संस्थानों में इलाज की व्यवस्था लगभग समान हो जाएगी।
गौर करने वाली बात यह भी है कि सरकारी क्षेत्र में दिल के इलाज और एंजियोप्लास्टी जैसी उन्नत सुविधाएं केवल केजीएमयू, एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान में ही उपलब्ध हैं। इसी कारण इन संस्थानों पर मरीजों का भारी दबाव रहता है। शुरुआती 24 घंटे का निशुल्क इलाज लागू होने से गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा और आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम होगा।






