Uttar Pradesh

ईज ऑफ लिविंग में छलांग : 9 साल में बदला UP का चेहरा, स्वास्थ्य-शिक्षा से रोजगार तक नई तस्वीर

मेडिकल कॉलेजों का विस्तार, करोड़ों लोगों को मुफ्त इलाज, शिक्षा में कायाकल्प और डिजिटल गवर्नेंस से मजबूत हुआ नया उत्तर प्रदेश, हर व्यक्ति तक पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं, डिजिटल सेवाओं से समय व श्रम में हुई भारी कमी

लखनऊ, 25 मार्च 2026:

यूपी ने नौ वर्षों में ‘ईज ऑफ लिविंग’ के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए विकास का नया मानक स्थापित किया है। सीएम योगी के नेतृत्व में सुशासन को केंद्र में रखकर लागू की गई योजनाओं ने प्रदेश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का काम किया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में हुए व्यापक सुधारों का असर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं में प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 2017 के बाद मेडिकल शिक्षा और उपचार सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ योजना के तहत हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में 13,600 एमबीबीएस और 6,866 पीजी सीटों पर प्रवेश हो रहा है। आयुष्मान भारत योजना के जरिए 5.64 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड देकर 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत 1.32 लाख से अधिक स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं। 1.30 करोड़ से अधिक छात्रों को डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म, जूते और बैग के लिए धनराशि सीधे खातों में भेजी गई है। साथ ही स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के जरिए डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है।

रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में भी राज्य ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत करीब 26 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना ने कारीगरों और युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए हैं।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं ने समाज के कमजोर वर्गों को मजबूत आधार दिया है। 67.50 लाख वृद्धजन, 26.81 लाख निराश्रित महिलाएं और 11.57 लाख दिव्यांगजन पेंशन का लाभ ले रहे हैं। पेंशन राशि 300 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये की गई है, जिसे अप्रैल 2026 से 1500 रुपये किया जाएगा। इसके अलावा 62 लाख से अधिक गरीबों को आवास और 15 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है।

महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। स्वयं सहायता समूहों से 1.06 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं। इनमें से 18.55 लाख ‘लखपति’ बन चुकी हैं। डिजिटल गवर्नेंस के तहत ई-साथी ऐप और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी ने सेवाओं को आसान और पारदर्शी बनाया है। इन प्रयासों के समेकित प्रभाव से उत्तर प्रदेश एक सशक्त, आत्मनिर्भर और तेजी से विकसित होते राज्य के रूप में उभर रहा है।

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